हरिद्वार की गूंज
(उत्तराखंड प्रभारी) हरिद्वार। हरिद्वार शहर "स्पीड ब्रेकरों" का शहर है, यहाँ रोज रोज बनता है, कोई न कोई "स्पीड ब्रेकर" पिछले कुछ महीनों से हरिद्वार शहर की चाहे कॉलोनी की सड़क हो या मुख्य राज मार्ग, "स्पीड ब्रेकरो" की बाढ़ सी आ गयी है। यहाँ के प्रशासन की अपनी दलील है,दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए ऐसा कर रहे हैं। मगर उनकी बला से इन "स्पीड ब्रेकरों" की वजहों से चाहे जनता के वाहनों की मेन्टेन्स बढ़े या किसी महिला रोगी को इन "स्पीड ब्रेकरों" से भयंकर तकलीफ क्यों न हो? हरिद्वार से लेकर चिड़ियापुर तक 26 जगह 10-10 रम्बल स्पीड ब्रेकर बना कर, सड़को और वाहनो की जान ले ली है। क्या इन स्पीड ब्रेकरों और टूटी सड़को के लिए लोगो से रोड टेक्स लिया जाता है?यदि इनकी वजह से सड़को पर दुर्घटनाओं रुकती है, तो अन्ये शिक्षित राज्यो हरियाणा आदि की सड़कों पर भी ये "स्पीड ब्रेकर" हुवा करते।
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