हरिद्वार की गूंज (24*7)
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(अविनाश गुप्ता) हरिद्वार। आज नई उड़ान फाउंडेशन द्वारा हनुमानगढ़ी के वांछित बच्चों के लिए एक इको फ्रेंडली गणपति मेकिंग वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस वर्कशॉप में बच्चो को गणेश चतुर्थी के उपलक्ष में ऑर्गेनिक गणपति आटे और हल्दी से बनाना सिखाया गया। बच्चो को पर्यावरण संरक्षण का महत्व समझाते हुए बताया गया की बाजार में पी ओ पी,प्लास्टिक और अन्य केमिकल से बने गणपति जब गंगा और अन्य नदियों में विसर्जित किए जाते है तो वो जल प्रदूषण करते है जो जल जीव जंतुओं के लिए हानिकारक होती है। नई उड़ान की संस्थापक विनीता गोनियाल ने बच्चो को बताया कि हमारे पुराणों के अनुसार गणपति बप्पा की उत्पति माता पार्वती के उतारे हुए उबटन जो आटे और हल्दी का बना था उसी से हुई थी। विनीता गोनियाल ने बच्चो को बताया कि इको फ्रेंडली गणपति का विसर्जन आप गंगा में करेंगे तो मछलियों को भोजन मिलेगा और पर्यावरण को नुकसान भी नही होगा। बच्चो को ये भी बताया गया की हम ऑर्गेनिक गणपति का विसर्जन घर के गमलों में मिट्टी में धनिया, रजनीगंधा, अपराजिता या कोई भी बीज डालकर भी कर सकते है जो फूल बनकर आशीर्वाद के रूप में सदैव हमारे साथ रहेगा। सभी बच्चो को हमारी संस्कृति से जोड़ कर उन्हे बताया गया की हम कितने भी आधुनिक क्यो न हो जाए हमे अपनी जड़े हमारी संस्कृति से जुड़े रहना है। इसिता अरोरा ने सब बच्चो को गणपति बना कर दिखाए और सभी से अपने सामने ही गणपति बनवाए। संरक्षक मोनिका अरोरा ने सभी बच्चो को स्टेशनरी और स्नैक्स वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया। गणपति का स्वरूप नन्हे हाथों ने खूबसूरती से अपनी क्रिएटिविटी जोड़कर आटे और हल्दी में उकेरे जो सभी का मन मोह रहे थे। बच्चो में जीवा और प्रत्यक्षा ने सबसे सुंदर गणपति बनाए जिसके लिए उन्हें संस्था द्वारा पुरस्कृत किया गया। इस वर्कशॉप को सफल बनाने में राजकीय प्राथमिक विद्यालय 16 की अध्यापिका सीमा ठाकुर, नीरज शर्मा, प्रियदर्शिनी, और राखी कुल का भी सहयोग रहा। नई उड़ान संस्था आगे भी बच्चो में कला के साथ उनमें ज्ञान और नई सीख की बढ़ोतरी के लिए इस प्रकार के वर्कशॉप करती रहेगी।
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