हरिद्वार की गूंज (24*7)

(अविनाश गुप्ता) हरिद्वार। बीएचईएल औद्योगिक संस्थान, हरिद्वार द्वारा संचालित ईएमबी बोर्ड के विद्यालयों में से एक विद्यामन्दिर इंटर कॉलेज सेक्टर 5बी के सेवानिवृत्त व वर्तमान में कार्यरत शिक्षकों एवं पूर्व विद्यार्थियों द्वारा एक गैर सरकारी सामाजिक पारिवारिक समूह बनाया गया है। जिसे टीम भावना से संगठित कर लगभग 65 टीचर्स और 150 विद्यार्थियों को जोड़कर समाज सेवा व अन्य आकस्मिक सेवाओं के लिए एकजुटता से कार्य करने की रणनीति बनाई गई है। लगभग 3 वर्षों से यह अद्भुत समूह निरन्तर स्वयंपोषित साधनों व सामूहिक संचित धन से अपनी सेवाएं दे रहा है। सन 1985 से लेकर 2017 तक के होनहार, कर्मठ, परिश्रमी और समर्पित वरिष्ठ विद्यार्थियों और गुरुजनों से सुसज्जित इस टीम के सभी सदस्य समाज व राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित हैं। पिछले लॉक डाऊन से लेकर अब तक इस टीम द्वारा अपने सभी भूतपूर्व व वर्तमान में कार्यरत टीचर्स के सानिध्य में टीम भावना से ओतप्रोत होकर एकजुटता के साथ धन एकत्रित किया, ज़रूरतमंदों को भोजन, दवाइयां, फल, सैनिटाइजर, मॉस्क, स्नैक्स, ऑक्सीजन, ऑक्सिमीटर एवं कच्चा राशन वितरित किया। वर्ष 2020 में यह कच्चे राशन एवं भोजन तक सीमित रहा, लेकिन इस वर्ष 2021 में कोरोना महामारी ने विकराल रूप धारण कर लिया। ऐसे में इस टीम ने साहस का परिचय देते हुए, अपनी जान की परवाह किए बग़ैर लगातार कोविड पीड़ितों की निरंतर सहायता की। पूर्व छात्र-छात्राओं, सेवानिवृत्त व कार्यरत शिक्षक-शिक्षिकाओं ने दिल खोलकर सामाजिक कार्यो एवं कोविड पीड़ितों के लिए धन एकत्रित किया, जिसमें देश-विदेश से भी कई विद्यार्थियों द्वारा योगदान दिया गया। कोरोना महामारी के शिथिल पड़ते ही एवं अनलॉक की प्रक्रिया शुरू होते ही, "बीएचईएल-ईएमबी-वीएमआइसी" टीम ने हरिद्वार प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के द्वारा युद्धस्तर पर चलाए जा रहे वैक्सीनेशन अभियान में भी बढ़चढ़ कर अपना योगदान दिया, जो आज भी निरन्तर जारी है। केन्द्र सरकार द्वारा वृहद स्तर पर शुरू किए गए टीकाकरण अभियान में, उत्तराखंड सरकार, हरिद्वार प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से 18+ और 45+ पहली और दूसरी डोज़ का टीकाकरण कार्यक्रम एवं कोरोना बचाव हेतु जागरूकता अभियान प्रमुखता से शामिल है जो निरन्तर जारी है एवं नागरिकों की सेवा व सुरक्षा के लिए आगे भी हरिद्वार प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से जारी रहेगा। साथ ही पौधरोपण व स्वच्छता अभियान में भी इस टीम के कार्यक्रम शामिल रहते हैं। गुरु-शिष्य की संस्कृति, संस्कार, आदर सम्मान व परंपरा को प्रचलित करते यह सभी पूर्व विद्यार्थी समाज व राष्ट्र में नैतिक मूल्यों का संदेश भी देते हैं कि हमें अपने गुरुजनों का सदैव आदर करना चाहिए एवं उनके द्वारा दी गई शिक्षा से राष्ट्र निर्माण में सहयोग करना चाहिए जिससे नवयुवकों को प्रेरणा मिलें एवं वे भी सदमार्ग एवं अच्छाई के रास्तों पर चलें।

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