हरिद्वार की गूंज (24*7)

(अविनाश गुप्ता) हरिद्वार। खाद्य पदार्थों के मानकों में कमी पाए जाने पर अपर जिलाधिकारी केके मिश्रा की ओर से 28 लाख का जुर्माना लगाया गया। पुणे जुर्माने की रकम चुकाने के लिए एक माह का समय भी दिया है। ऐसा नहीं करने पर वसूली की कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि अपर जिलाधिकारी के निर्देशन में नगर निगम हरिद्वार के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने 7 जुलाई 13 को प्रिज्मा एच०आर सोल्यूशन प्रा०लि० ज्वालापुर का निरीक्षण कर ट्रॉपिकाना जूस लीची का सैम्पल लिया था। जिसे जांच के  रुद्रपुर लैब में भेजा गया। जांच के उपरांत सैंपल फेल हो गया। फेल होने पर नगर निगम के खाद्य अधिकारी की ओर से अपर जिलाधिकारी कोर्ट में वाद दायर किया गया। मार्च 2014 में सुनवाई के दौरान अपर जिलाधिकारी की ओर से पांच  विपक्षी गणों को पर्याप्त समय दिया गया कि वे न्यायालय में उपस्थित होकर अपना पक्ष प्रस्तुत करें। लेकिन कोई भी न्यायालय में उपस्थित नहीं हुआ। 5 लोगो में से 3 लोगों ने  लिखित बहस प्रस्तुत की। परन्तु विपक्षी संख्या -4 व 5 द्वारा लिखित बहस भी प्रस्तुत नहीं की गई। इसके उपरांत कृष्ण कुमार मिश्रा न्याय निर्णायक अधिकारी, अपर जिला मजिस्ट्रेट (वित्त एवं राजस्व) हरिद्वार ने पांचो विपक्षियों पर 27 लाख रुपए का जुर्माना लगा दिया। जुर्माने की रकम 1 मह के भीतर जमा कराने के आदेश दिए।  ऐसा नहीं होने पर वसूली की कार्रवाई की जाएगी। एडीएम के के मिश्र ने बताया कि  प्रिज्मा एच आर प्राइवेट लि के अकाउंट मैनेजर पाठ्य ऊंचा पुल पंजाबी धर्मशाला ज्वालापुर 1 लाख रुपए, सी०एड०एफ डीपो ऑनर लाइसीस होल्डर अशोक कुमार सुरेश चंद्र निवासी पंजाबी धर्मशाला ज्वालापुर पर 2 लाख रुपए, वरुण बेवरेजेज लि महान पेट्रोल पंप देहरादून रामपुर चुंगी रुड़की पर ₹5 लाख और पर डायनेमिक डेएरीज, 20लाख  पैप्सिकों होलडिंग प्रा०लि लाख़ कुल दस लाख रूपये मात्र की 30 दिवस के भीतर आरोपित धनराशि जमा करने हेतु निर्देशित किया गया। अन्यथा विपक्षीगण के विरूद्ध वसूली प्रमाणपत्र जारी कर धनराशि वसूली जायेगी।

Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours