हरिद्वार की गूंज (24*7)

(रजत चौहान) हरिद्वार। उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार के आदेश अनुपालन में तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद पौड़ी गढ़वाल पी० रेणुका देवी के निर्देशन में गुमशुदा मानवों की तलाश तथा जनपद चमोली थाना जोशीमठ के रैणी, तपोवन इलाके के ऋषिगंगा नदी में 7 फरवरी को ग्लेशियर टूटने से आयी आपदा में नदी के बहाब में गुमशुदा मानवों की शिनाख्त व तलाश के क्रम में तथा गुमशुदा बालिका रेखा पुत्री देवी चंद निवासी गॉव नारायणा, नाडाना थाना तिरावड़ी जिला करनाल हरियाणा जो अपने घर से गॉव में ही गयी थी, उसका कुछ दिमागी हालात ठीक नहीं होने के कारण अपने घर का रास्ता 10-12 दिन पहले भूल गयी थी। जो ऋषिकेश में अकेली रास्ता भटकते हुए मिली थी। जो वर्तमान में राजकीय बालिका निकेतन केदारपुरम देहरादून उत्तराखंड में प्रवेश कर रह रही थी। बालिका अपना घर कभी ऋषिकेश कभी हरिद्वार बता रही थी। उपनिरीक्षक कृपाल सिंह व कांस्टेबल 455 cp अनिल कुमार सैनी के द्वारा राजकीय बालिका निकेतन की अधीक्षिका लक्ष्मी भट्ट के साथ बालिका को विश्वास में लेकर बालिका से वार्तालाप की गई तो बालिका की भाषा राजस्थान और हरियाणा जैसी लग रही थी। बालिका केवल अपने परिवार के सदस्यों के नाम और अपने गॉव का नाम ही बता रही थी। काफी प्रयास के बाद भी यह अपने जिले या अन्य ऐसे स्थान का नाम नहीं बता पा रही थी। जिससे कि इसके परिवारीजनों की आसानी से तलाश की जा सके। हम पुलिस कर्मियों द्वारा हरियाणा आदि स्थानों के जानने वाले, मददगार साथियों से इस संबंध में वार्ता की गई तो बताया कि यह गॉव करनाल के आसपास पड़ता है। इसके उपरांत बालिका के परिजनों की तलाश करते रहे तो कड़ी मेहनत करने के बाद बालिका के गॉव के सरपंच विजय कुमार पुत्र सुल्तान सिंह से इस संबंध में बातचीत हुई तो उन्होंने बताया कि यह लड़की हमारे गॉव के देवी चंद जी की है। जो कुछ दिन पहले लापता हो गयी था। गुमशुदा बालिका रेखा के पिता देवी चंद और माता सुनीता को देहरादून लाकर जिनके साथ इनके गॉव के सरपंच विजय कुमार भी थे। बालिका को सकुशल राजकीय बालिका निकेतन केदारपुरम, देहरादून द्वारा बालिका के माता पिता को सुपुर्द किया गया। पुलिस के इस कार्य की पीड़ित परिजनों द्वारा तहे दिल के काफी सराहना की गई और कहा कि हम उत्तराखंड पुलिस से सम्बंध में सुनते थे कि उत्तराखंड पुलिस बहुत अच्छे कार्य करती है। आज कोरोना जैसी महामारी के चलते हुए भी हमारी बेटी हमको सुरक्षित मिल गयी है। आज उत्तराखंड पुलिस के नेक कार्य को खुद भी देख भी लिया।

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