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(अमित नेगी) श्रीनगर। राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के आह्वाहन और राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत के नेतृत्व में  देश भर के कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली की लड़ाई के लिए कमर कस रहे हैं। आने वाली 30 जून को कर्मचारियों ने पुनः ट्विटर के माध्यम से अपनी मांग को सरकार के समक्ष रखने का निर्णय किया है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बी पी सिंह रावत ने पत्रकारों को बताया की कर्मिक के जीवन से जुड़ी अहम व एकमात्र मांग लगातार मोर्चे के माध्यम से उठाई जा रही है। आने वाली 30 जून राष्ट्रीय ट्विटर ट्रेंड अभियान को सभी कर्मचारियों से निवेदन है कि सरकार के समक्ष पुरानी पेंशन बहाल करो, पुरानी पेंशन बहाल करो, एनपीएस ने भारत छोड़ दिया ट्वीट कर सरकार को अवश्य टैग करें। बागेश्वर से राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य आलोक पांडे ने बताया कि राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के बैनर तले पूरा देश एक जुट होकर पुरानी पेंशन बहाली की लड़ाई लड़ रहा है। कोरोना काल के कारण हर सम्भव प्लेटफॉर्म से आवाज़ को बुलंद किया जा रहा है। आने वाली 30 तारीख को सभी कर्मचारी इस अभियान का हिस्सा बन ट्वीट अवश्य करें। पौड़ी से गढ़वाल मंडल अध्यक्ष जयदीप रावत ने कहा है कि कर्मचारियों की लगातार अनदेखी के कारण आज कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हर जगह मुखर हैं। ज्यादतियों की भी एक सीमा होती है जिस के अधिक होने पर इंकलाबी तेवर अपनाने ही होते हैं। आने वाली 30 तारीख एक नया इतिहास लिखेगी और ट्विटर के ट्वीट बताएंगे कि कर्मचारियो की ताकत कितनी बड़ी है। सभी कर्मचारी इस अभियान में हिस्सा लेकर दोनों हैशटैग, RestoreOldPension, NPS QUIT INDIA  ट्वीट अवश्य करें। रुद्रप्रयाग से गढ़वाल मंडल महसचिव नरेश भट्ट ने कहा कि अति की इति अवश्य होती है। इस नई पेंशन योजना के कारण कर्मचारी आज वृद्धावस्था पेंशन से भी कम पेंशन प्राप्त कर रहा है। यह सरकारी सेवानिवृत कर्मचारी के लिए शर्म की स्थिति है कि वह वर्षों तक वेतन पाने के बाद सेवानिवृति के बाद दर दर भटक रहा है। गढ़वाल मंडल संयुक्त सचिव सौरभ नौटियाल ने कहा कि युवावस्था में तो हम वेतन से गुज़ारा कर सकते हैं। लेकिन जब रिटायर हो जाएंगे तब नई पेंशन के कारण दिल्ली, मुंबई जाकर नौकरी ढूंढनी पड़ेगी। क्योंकि अपने राज्य में तो युवाओं को रोजगार के लिए पलायन करना पड़ता है। बिना ताकत के  शरीर वाले वृद्धों को नौकरी कौन देगा। इसलिए आज समय है इस मांग के लिए खड़ें हों और 30 जून को RestoreOldPension, NPS QUIT INDIA हैशटैग ट्वीट अवश्य करें। गढ़वाल मंडल वरिष्ठ उपाध्यक्ष दिलवर रावत ने कहा ये मांग मात्र कर्मचरियों से ही नहीं जुड़ी बल्कि उन शहीदों से भी जुड़ी है जिन्होंने  ऐसे राज्य का सपना देखा था, जिसमें समाजवाद और कल्याणकारी राज्य के बीज थे। वर्षो से जो राज्य सरकारी वेतन और पेंशन से चल रहा है अब  उसके विकास के लिए अपनी सेवा देने वालो के लिए भी राज्य में रहना मुश्किल है। हम 30 जून को देश प्रदेश की सरकारों को कर्मचारियो की ओर से स्पष्ट सन्देश देने वाले हैं कि यह मांग कितनी अहम है। अतः RestoreOldPension, NPS QUIT।INDIA  दोनो हैशटैग ट्वीट अवश्य करें। गढ़वाल मंडल उपाध्यक्ष प्रदीप जुयाल ने कहा कि अब टालमटोल का समय नहीं है सरकार को तुरंत इस वाजिब मांग को लागू कर देना चाहिए क्योंकि शेयर मार्केट में लगे इस पेंशन के पैसे में रोजाना घाटा उठाना पड़ रहा है। फायदा तो कहीं नजर ही नहीं आ रहा। क्या पैसा बचेगा और क्या पेंशन बनेगी। सभी कर्मचारी साथी आने वाली 30 तारीख को राष्ट्रीय ट्विटर ट्रेंड अभियान में RestoreOldPension NPS QUIT INDIA ट्वीट कर अभियान को बल दें। गढ़वाल से पौड़ी जनपद के महसचिव भवान सिंह नेगी ने कहा कि पेंशन वह प्रतिफल है जिसे वर्षों की ईमानदारी से की गई सेवा के बाद प्राप्त किया जाता है यह कोई एहसान नहीं है जो सरकार हम पर कर रही है। आने वाली 3ओ तारीख को इस मांग के सम्बंध में RestoreOldPension, NPS QUIT INDIA दोनो हैशटैग को ट्वीट अवश्य करें। गढ़वाल मंडल से संगठन मंत्री दीपक गोड़ियाल ने कहा कि संगठन ने बहुत ही कम समय मे हज़ारों लाखो कर्मचारियो की मांग को ईमानदारी से उठाया है। विभिन्न जमीनी कार्यक्रम करके लगातार मुद्दे को चर्चा में बनाये रखा है। आने वाली 30 तारीख अहम है इस दिन सारी दुनिया को पता चल जाएगा कि वर्षो तक ईमानदारी से सेवा करने वाले कर्मचारी के साथ कितना बड़ा अन्याय हो रहा है।

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