हरिद्वार की गूंज (24*7)

(नीटू कुमार) हरिद्वार। मानवाधिकार संरक्षण समिति एवं भारत विकास परिषद मंदाकनी शाखा के संयुक्त तत्वावधान में कोरोना काल में रोग-प्रतिरोधक क्षमता को कैसे बढ़ाए विषय पर वेबीनार का आयोजन किया गया। वेबिनार की अध्यक्षता ई० मधुसूदन आर्य ने की। वेबिनार के मुख्य अतिथि डा० आर०के भटनागर, सेवानिवृत आई ए एस ने कोरोना काल में देश के कोरोना योद्धाओं जिसमें डाक्टर, नर्स, चिकित्सा कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी व सिपाही शामिल हैं को सेल्यूट किया। उन्होने कहा कि इस कोरोना काल में जहां हर दिन संक्रमण के मामले बढ़ते जा रहे हैं, इसलिए यह बहुत जरूरी हो गया है कि हम अपनी इम्यूनिटी यानी रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करें, क्योंकि इम्यूनिटी कमजोर होने पर आप जल्द ही कोरोना का शिकार हो सकते हैं। इससे बचाव के लिए दुनियाभर की सरकारें तमाम उपाय कर रही हैं और तरह-तरह के सलाह भी दिए गए हैं, जिसमें मास्क पहनना, अच्छे से हाथ धोना, सुरक्षित शारीरिक दूरी बनाकर रहना आदि शामिल हैं। इसके अलावा जो सबसे जरूरी चीज है, वो ये कि हम अपनी इम्यूनिटी को कैसे बढ़ाएं, ताकि संक्रमण से बचा जा सके। अपनी दिनचर्या में से अगर आप खुद के लिए समय नहीं निकालते हैं तो आपकी इम्यूनिटी कमजोर हो सकती है। हर समय काम करने या ज्यादा बिजी लाइफ से व्यक्ति तनाव का शिकार हो जाता है जिसका सीधा असर हमारे इम्यून सिस्टम पर हो सकता है। इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी आपका भोजन होता है। हेल्दी खाना आपके इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने में मदद कर सकता है, विशिष्ट अतिथि जे०एस०पी०जी कालेज अमरोहा के डॉ अशोक आर्य ने कहा कि हमारे खानपान से तैयार होने वाली इम्यूनिटी ऐसा हथियार है जिसकी वजह से शरीर के लिए वायरस से मुकाबला करना आसान हो जाता है। यह कभी नहीं सोचना चाहिए कि आज बीमारी है या कोरोना है तो हेल्दी खाना खाते ही इम्यूनिटी आ जाएगी। कोरोना संक्रमण के मामले जैसे-जैसे बढ़ते जा रहे हैं, वैसे-वैसे लोगों में मन में भी नकारात्मक विचार भी हावी हो रहे हैं। अपनी दिनचर्या में योग को शामिल करें और अपना जीवन स्वस्थ और सुरक्षित बनाएं। स्वस्थ रहें और सकारात्मक ऊर्जा फैलाएं। डा० मनीषा दीक्षित, रीडर, ऋषिकुल आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज, हरिद्वार ने कहा कि कोरोना ने हमें अपना जीवन परिवर्तित करना सिखाया है, उन्होने कहा कि  एलोपैथिक दवाएं बीमारियों में फायदा तो करती हैं लेकिन उनके साइड इफेक्ट के कारण अधिकांश लोग अब उनके नैचुरल सब्स्टिट्यूट ढूंढने लगे हैं। हमारे किचन में ही कई चीजें मौजूद हैं जो कई हेल्थ प्रॉब्लम्स के लिए महंगी दवाओं के ज्यादा असरदार हैं। सबसे खास बात ये है कि इनका कोई बड़ा साइड इफेक्ट भी नहीं है। कीचन में उपलब्ध पीपल, सोंठ व कालीमिर्च के इस्तेमाल से तैयार काढ़े के इस्तेमाल से आपकी इम्यून पावर मजबूत होगी। किसी भी बीमारी से निपटने के लिए इम्यून सिस्टम का मजबूत होना बहुत जरूरी है, जिसमें यह काढ़ा आपकी बहुत मदद कर सकता है। मुख्य प्रवक्ता दून इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस देहरादून के डा० विनीत कुुमार अग्निहोत्री ने कहा कि कोरोना वाइरस की दूसरी लहर ने महामारी को और बढ़ा दिया है, आयुष मंत्रालय ने जो दायित्व दिया है उस पर हम लगातार कार्य कर रहे है, पिछले साल आयुष मंत्रालय ने इम्यूनिटी बढ़ाने वाली जिन चीजों का सेवन करने की सलाह दी थी, उसमें आयुष क्वाथ भी शामिल था। इसमें तुलसी पत्ता और दालचीनी जैसी घरेलू चीजें मौजूद होती हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में खानपान का विशेष ध्यान रखना जरूरी है। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए करीब आठ घंटे की नींद लें। मानव अधिकार संरक्षण समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं भारत विकास परिषद मंदाकनी शाखा के संरक्षक इं० मधुसूदन आर्य ने कहा कि पूरे देश में आक्सीजन की कमी को पूरा करने के लिए जगह जगह पीपल, नीम एवं बरगद के वृक्ष लगाए जाने चाहिए। भारत में कोरोना की दूसरी लहर के बीच अस्पतालों में बेड और ऑक्सीजन की कमी देखने को मिल रही है, अगर अब भी हमने पौधे नहीं लगाए तो भविष्य में ऑक्सीजन का बहुत बड़ा संकट पैदा हो सकता है। भारत विकास परिषद मंदाकनी शाखा के अध्यक्ष राजीव राय एवं सचिव जितेंद्र कुमार शर्मा ने कहा कि इंसान खुद के विकास में इतना अंधा हो गया कि उसने पेड़ों को अंधाधुंध काटना शुरू कर दिया। शहर तो शहर, आज गांवों में भी पेड़ों की संख्या काफी कम हो गई है, अपने स्वार्थ के लिए उसने धरती से उसके हरे-भरे साथियों को ही छीन लिया, पेड़ों ने हर तरह से इंसानों को इतना सब कुछ दिया कि वह कभी इसका मूल्य नहीं लगा सकता। उन्होने कहा कि ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए संस्था द्वारा पीपल, नीम एवं बरगद के वृक्ष बरसात के मौसम में लगाए जाएंगे। वेबीनार का संचालन करते हुये गुरुकुल कांगड़ी विद्यालय विभाग के डा० योगेश शास्त्री ने कहा कि वैदिक काल से देश में यज्ञ की परंपरा रही है। यज्ञ से उत्पन्न धुएं से आस-पास का दूषित वातावरण शुद्ध व स्वच्छ हो जाता है, इस यज्ञ को करने से लोगों के मन में सकारात्मक भाव उत्पन्न होता है। वेबिनार में संरक्षक जगदीश लाल पाहवा, प्रसिद्ध समाजसेवी तोष जैन, राष्ट्रीय महामंत्री लायन एस०आर गुप्ता, हेमन्त सिंह नेगी, डा० प्रेम प्रकाश, संदीप, राजीव राय, जितेन्द्र कुमार शर्मा, विमल गर्ग, आर०के गर्ग, अरविन्द सिंह, दिनेश चन्द्र शर्मा, डा० पी०के शर्मा, रेखा नेगी, अंकुर गोयल, मूलचंद मीणा, डॉ बबलू वेदालंकार, अजय दुर्गा, अंजु मीना, अशोक रस्तोगी, डॉ दयाचंद गुप्ता,  जगदीश वहला, करुणा माहेश्वरी, केशव शुक्ला, राजेंद्र मीना, सदानंद मौर्य, सतीश चन्द्र अग्रवाल, विनोद अग्रवाल इत्यादि उपस्थित रहे।

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