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(अविनाश गुप्ता) हरीद्वार। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की विश्वविद्यालय इकाइयों द्वारा भारत के राष्ट्रपति सह केंद्रीय विश्वविद्यालयों के विज़िटर  रामनाथ कोविंद से निवेदन करते हुए मांग रखी कि 21 केंद्रीय विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों एवं अस्थाई कुलपतियों के स्थान पर स्थाई कुलपति नियुक्त किये जायें। गौरतलब है कि देश के 21 विश्वविद्यालयों में कुलपति के पद रिक्त है अथवा वहाँ अस्थाई कुलपति को कार्यप्रभार है। कोरोना के कारण विगत दो वर्षों में शिक्षा का क्षेत्र काफ़ी कठिनाइयों से जूझ रहा है। ऑनलाइन शिक्षा के सीमित संसाधनो के कारण छात्रों और शिक्षकों को काफ़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पिछले वर्ष लागू की गयी राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लागू करने की दिशा में भी प्रमुख विश्वविद्यालयों को अग्रणी भूमिका में बढ़ना होगा, जिसके लिये अति महत्वपूर्ण है कि रिक्त पदों पर केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शीघ्रातिशीघ्र स्थाई कुलपति की नियुक्ति हो जिससे विश्वविद्यालयों में निर्णय प्रक्रिया सुचारु और व्यवस्थित हो सके। एक वर्ष निकलने के पश्चात भी अभी तक राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, छतीसगढ़ एवं मेघालय में स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्ति लम्बित है। मणिपुर में पिछले वर्ष अगस्त माह में साक्षात्कार होने के बाद भी अभी तक नियुक्ति नहीं हुई, प्रदेश मंत्री काजल थापा ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयो में कुलपति की नियुक्ति न होना लापरवाही है व चिन्ताजनक विषय भी है इसलिए विद्यार्थी परिषद यह मांग करती है कि जल्द से जल्द रिक्त पदों पर कुलपतियों की स्थायी नियुक्ति की जाए। अभाविप की राष्ट्रीय महामंत्री निधि त्रिपाठी ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में एक वर्ष तक स्थाई कुलपति का न होना चिंताजनक विषय है। विश्वविद्यालय में अकादमिक और प्रशासनिक गतिविधि नियमित रहे इसमें कुलपति की प्रमुख भूमिका रहती है। अभाविप की केंद्रीय विश्वविद्यालयों की इकाईयों एवं स्थानीय इकाईयों ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को पत्र भेजकर कुलपति की नियुक्ति की माँग की है। आशा है केंद्र सरकार विषय का संज्ञान लेकर शीघ्रातिशीघ्र रिक्त पदों पर नियुक्ति सुनिश्चित करेगी।

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