हरिद्वार की गूंज (24*7)

(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। थोक केंद्रीय उपभोक्ता भंडार हरिद्वार दुकानों के आवंटन का बड़ा भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है। और ना ही विभाग की भ्रष्टाचारी किसी से छिपा नहीं है। दुकानों के आवंटन में हुई भ्रष्टाचारी की आज तक कोई भी जांच नही हो पाई है और ना ही किसी उच्चधिकारी ने इस पर गंभीरता से विचार किया है। विभाग से दुकानों का आवंटन कुछ ऐसे कर्मचारियों को किया गया है जो पूर्व में ही सेवानिवृत्त हो चुके हैं। सेवानिवृत्त कर्मचारियों को विभाग से दुकानों का आवंटन होना यह गंभीर मामला है। और कुछ ऐसे भी कर्मचारी है जो दो दो दुकाने देख रहे हैं। एक दुकान पर उनकी पत्नी और दूसरी दुकान पर वह स्वयं है। जबकि जिस कर्मचारी के नाम दुकान आवंटन है वह स्वयं ही दुकान देख सकता है और एक के ही नाम दुकान आवंटन हो सकती है। हालांकि यहां एक एक कर्मचारी को लगभग दो दो, तीन तीन दुकाने मिलीभगत से आवंटन की गई है। जो जांच का विषय भी है। और आपको बता दें कि इस विभाग पर भ्रष्टाचारी इतनी हावी हो चुकी है कि यहां केवल अध्यक्ष ही निर्णय ले सकता है। सचिव पद की यहां कोई भी अहमियत गरिमा नहीं है। अगर सचिव अपना पक्ष या निर्णय रखता है तो उसका उत्पीड़न होना तय है जिस कारण लगातार कई सचिव पद पर तैनात हुए और उन्होंने जल्द अपना इस्तीफा भी दिया है। इतना ही नहीं सूत्रों से पता चला है कि उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किय गया है। जहां देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भ्रष्टाचार मुक्त देश का सपना देख देशवासियों को लगातार संबोधित करते हुए देखे जाते है वही सरकारी मशीनरी ही भ्रष्टाचार मुक्त देश के सपने का उल्लंघन करती हुए देखी गई है। जो बड़े ही दुर्भाग्य का विषय है। हरिद्वार में बैठे उच्चधिकारी थोक केंद्रीय उपभोक्ता भंडार में चल रही भ्रष्टाचारी का गंभीरता से संज्ञान ले और तत्काल टीम गठित कर विभाग की जांच कराएं। और जो भी अधिकारी कर्मचारी भ्रष्टाचारी में लिफ्ट पाया जाए, उसके विरूद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। जिससे जनता का उच्चधिकारियों के प्रति विश्वास बना रहे।

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