हरिद्वार की गूंज (24*7)

(रजत चौहान) हरिद्वार। रिलिजन्स ऑफ पीस संस्थान ने कैलेण्डर नववर्ष २०२१ के स्वागत के अवसर पर एक विशेष प्रयोग किया। संस्थान द्वारा विश्व भर के प्रख्यात धार्मिक संस्थान के प्रमुखों तथा प्रतिनिधियों ने विश्वशांति हेतु प्रार्थना सभा की। यह सभा संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में कोविड-१९ के कारण ऑनलाइन हुई। इसमें विश्व भर में भारतीय संस्कृति के ध्वज फहराने वाले गायत्री परिवार को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया था। सभा में गायत्री परिवार के प्रतिनिधि के रूप में देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ.चिन्मय पण्ड्या ने प्रतिभाग किया। प्रत्येक वर्ष जनवरी के प्रथम सप्ताह होने वाले इस आयोजन का मूल उद्देश्य विश्व के सभी धर्म आपस में मिलकर शांति, सद्भाव व समृद्धिपूर्ण समबंध स्थापित कर सके। इस अवसर पर प्रतिकुलपति डॉ० चिन्मय पण्ड्या ने गायत्री महामंत्र के अर्थ को समझाते हुए कहा कि गायत्री मंत्र हमें तेज व शक्ति प्रदान कर सद्बुद्धि प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि आज विश्व में ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में सभी धर्मों को एकजुट होकर प्रार्थना द्वारा सकारात्मक वातावरण बनाने की आवश्यकता है। साथ ही उन्होंने युगऋषि पूज्य गुरुदेव पं० श्रीराम शर्मा आचार्यश्री एवं वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी के वसुधैव कुटुम्बकम् के भाव को प्रस्तुत किया। उन्होंने आशा व्यक्त की कि विश्व भर में बौद्धिक समभाव एवं वैचारिक समरसता के साथ आगे बढ़ने से शांति स्थापित हो सकती है। उन्होंने रिलिजन्स ऑफ पीस संस्थान के इस अद्भुत प्रयास की सराहना की। सभा में जब डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने गायत्री महामंत्र का उच्चारण किया, तब सभी धर्म गुरुओं एवं प्रतिनिधियों ने इसे ध्यान से सुना एवं इसके भाव को आत्मसात करते हुए विश्व शांति की प्रार्थना की। उल्लेखनीय संयुक्त राष्ट्र महासंघ की ओर से आयोजित होने वाले इस सभा में विश्वभर के धार्मिक प्रतिनिधियों को एकजुट करने के विविध धर्मों के बीच सामंजस्य पूर्ण संवाद स्थापित करने में अपनी भूमिका निभा रहा है। सभा में रिलिजन्स ऑफ पीस संस्थान के महासचिव प्रो० अज्जा करम व अध्यक्ष प्रीस्टेस बीट्रिज़ शूल्थेस, पारसी धर्म से श्री होमी गांधी, यहूदी धर्म से रब्बी जोसेफ पोटसनिक, बहाई धर्म से सुश्री बानीदुगल और सुश्री सफिरा रमेशफर, बौद्ध धर्म से क्योचि सूगिनो; ईसाई धर्म से जॉन कार्डिनल, क्रिस्चन डेल, मार्क फाउलर, मुस्लिम धर्म से इमाम मोहेमद मैजिद, मोहेमद अब्देलसलम, इमाम सएद अली अब्बास, सिख धर्म से भाई साहिब मोहिंदर सिंह व डॉ० प्रीतपाल कौर अहलुवालिया, साध्वी भगवती सरस्वती जी व डॉ० चिन्मय पण्ड्या ने हिंदू (सनातन) धर्म का प्रतिनिधित्व किया।

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