हरिद्वार की गूंज (24*7)
(फिरोज अहमद) लक्सर। फल बाग मालियो की अगर बात की जाए तो आज के हालात बाग मालियो के बदहाल है। बात अगर की जाए मौसमी फलों की तो इस समय आम और लीची का मौसम आ चुका है। बागों में लीची और आम की बहार है लेकिन लीची और आम की फसले भी ओलावृष्टि और बरसात की मार से अछूती नहीं है। बेमौसम बरसात ने आम और लीची के बागवानी ऊपर भी अपना कहर बरसा रखा है। तेज हवाओं से लगातार आम और लीची गिर रही है तो वही ओलावृष्टि से भी आम और लीची नष्ट हो रहे हैं। बता दें कि मौसमी फलों में लीची और आम का एक महत्व है जो कि हरिद्वार व लक्सर और पहाड़ी नेत्र में आमों का व्यापार एक बहुत बड़े स्तर पर किया जाता। लेकिन इस बार आम के व्यापारी भी इस बेमौसम बरसात से अछूते नहीं है। लगातार हो रही रुक रुक के ओलावृष्टि बारिश और आंधी तूफान के कारण आम लगातार नष्ट हो रहा है। जिससे व्यापारियों के चेहरों पर भी मायूसी छाई हुई है। अगर बात करें लक्सर के बागो की तो यहां पर एक बहुत बड़े स्तर पर आम का व्यापार किया जाता है। लक्सर क्षेत्र में लगभग सैकड़ों के हिसाब से आम के बगीचे हैं लेकिन इस बार आम के बगीचों के मालिकों के चेहरों पर बे मौसमी ओलावृष्टि और आंधी तूफान आने के कारण मायूसी छाई हुई है। लक्सर में आम के व्यापार एक बहुत बड़े स्तर पर किया जाता है। यहां से आम व्यापारी अपना माल पेड़ो से तोड़कर अन्य प्रदेशों में भी भेजते हैं। ज्यादातर यहां का आम उतरप्रदेश चंडीगढ़ कोलकाता और आसाम तक भेजा जाता है। जो कि दिल्ली की आजादपुर मंडी के जरिए आगे भेजा जाता है। आजादपुर फल मंडी जो की राजधानी दिल्ली की सबसे बड़ी फल मंडी है जहां से हर वर्ष जसपुर में आम के व्यापारी आते हैं। और यहां से आम का व्यापार करते हैं लेकिन इस बार बेमौसम की बरसात और ओलावृष्टि के कारण यह व्यापार धीमा पड़ता दिखाई दे रहा है। और लगातार बाग मालियो को चिंता सता रही है।



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