हरिद्वार की गूंज (24*7)

(गगन शर्मा) हरिद्वार। अभियांत्रिकी एवं प्रौद्यागिकी संकाय के कम्प्यूटर साइंस एवं इंजीनियरिंग विभाग में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद द्वारा प्रायेजित अटल योजना के अन्तर्गत किया जा रहा है। इस प्रोग्राम में प्रतिभाग करने हेतु पूरे भारत वर्ष से 400 से अधिक प्रतिभागियों ने आवेदन किया, जिसमें से लगभग 150 प्रतिभागियों को स्वीकृति प्रदान की गयी। फेकल्टी ड्वलपमेंट प्रोग्राम के उद्घाटन के अवसर पर संयोजक डॉ० मयंक अग्रवाल ने कार्यक्रम के बारे में संक्षिप्त जानकारी दी| संकायाध्यक्ष एवं कार्यक्रम डायरेक्टर प्रो० पंकज मदान ने उपस्थित सभी शिक्षकों, आमंत्रित व्याख्याताओं, विशिष्ठ अतिथियों एवं कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो० रूप किशोर शास्त्री, कुलपति, गुरुकुल कांगड़ी (समविश्वविद्यालय) का स्वागत करते हुए कार्यक्रम में जुड़े सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर  सुशील कुमार, टीसीएस, प्रो० एस के यादव, जेजेटीयू, राजस्थान, प्रो० एच०एस धामी, पूर्व कुलपति, कुमाऊ विश्वविद्यालय, नैनीताल, प्रो० अमिता देव, कुलपति, महिलाओं के लिए इंदिरा गांधी तकनीकी विश्वविद्यालय, दिल्ली से विशिष्ठ अतिथियों के रूप में शामिल हुए, और अपने आशीर्वचनों से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। विशिष्ठ अतिथियों में सुशील चन्द्र ने कहा कि इस तरह की कार्यशाला से शिक्षकों को उत्तम तकनीक सीखने का मौका मिलता है तथा नई तकनीक का इस्तेमाल कर नई खोज की प्रेरणा मिलती है। प्रो० एच०एस धामी ने आयोजन समिति को शुभकामनाऐं दी और सभी प्रतिभागियों को आशीर्वचन के रूप में अपनी वाणी से अभिभूत किया उन्होंने कहा कि इस तरह की तकनीकी एवं प्रौद्योगिकी से भरपूर प्रोग्राम का आयोजन इस समय की आवश्यकता है। प्रो० अमिता देव ने बताया कि गुरुकुल कांगड़ी (समविश्वविद्यालय) हमेशा नई विधा पर कार्यशालाओं, कार्यक्रमों को आयोजित करने में अग्रणी रहा है, उन्होंने प्रोग्राम के सफल आयोजन के लिए आयोजन समिति को शुभकामनाऐं दी और सभी प्रतिभागियों को नई तकनीक सीखने के लिये प्रेरित किया। प्रो० एस०के यादव ने सभी प्रतिभागियों को ब्लॉकचेन जैसी तकनीक पर हो रही कार्यशाला में प्रतिभाग कर रहे सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया और इस प्रकार की कार्यशाला में लगातार प्रतिभाग करने के लिए सभी प्रतिभागियों को प्रेरित किया। गुरुकुल कांगड़ी (समविश्वविद्यालय) के माननीय कुलपति प्रोफेसर रूप किशोर शास्त्री जी ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए इस प्रकार की कार्यशालाओं के आयोजन पर संयोजक डॉ० मयंक अग्रवाल, सह संयोजक डॉ० सुयश भारद्वाज एवं आयोजन समिति के सभी सदस्यों को हार्दिक बधाई दी, और संकायाध्यक्ष पंकज मदान को आगे भी इस तरह के कार्यक्रम आयोजित करते रहने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने वक्तव्य में आधुनिक समय में तकनीकी की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए नई तकनीकों को सीखने के लिए प्रयासरत् रहने के लिए कहा।

उद्घाटन सत्र् की समाप्ति पर सभी मुख्य वक्ताओं ने कार्यक्रम के निदेशक प्रो० पंकज मदान व आयोजन संयोजक डॉ० मयंक अग्रवाल, सह संयोजक डॉ० सुयश भारद्वाज एवं समस्त आयोजन समिति को शुभकामनाऐं दी। इस पांच दिवसीय कार्यशाला में विभिन्न विद्वानों द्वारा व्याख्यान दिये जाऐंगे जिनमें मुख्यतः डॉ० शंकर गोयनका वॉव फेक्टर, डॉ० मयंक अग्रवाल, प्रो० अशोक दास, आईआईआईटी, हैदराबाद, डॉ० राकेश त्रिपाठी, एनआईटी, रायपुर डॉ० बाला प्रकाश राव किली, एनआईटी, वारंगल,  मधु परवथनेनी, मेडब्लॉक टेक्नोलॉजी, डॉ० सुयश भारद्वाज,  सामेश गुप्ता (पूर्व.इनफोसिस) ब्लॉकडाइजेस्ट, प्रो० हिरेन पटेल, एलडीआरपी.आईटीआर, गांधीनगर, फरीदाबाद, गुरुकुल कांगड़ी, गुरुकुल कांगड़ी, डॉ० मनी मधुकर, आईबीएम, से आमंत्रित हैं। जिनके ओजस्वी सम्बोधन से सभी प्रतिभागी लाभान्वित होंगे। उद्घाटन सत्र् के सह संयोजक के रूप में उपस्थित डॉ० सुयश भारद्वाज ने सभी का धन्वाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया। इस फेकल्टी ड्वलपमेंट प्रोग्राम में डॉ० निशान्त कुमार,  नमित खण्डूजा, विवुध फोरे,  अश्वनी कुमार, सुमित बंसल,  दीपक पैन्युली, अमन त्यागी, डॉ० अमन त्यागी, देवानन्द जोशी, अपूर्व कौशिक, चन्दर सिंह, खुशी राम आदि ने विशेष योगदान दिया।

Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours