हरिद्वार की गूंज (24*7)
(यतेंद्र कुमार) हरिद्वार। आज रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन सेंटर में पूजा से कार्यक्रम की शुरुआत हुई, १५० बच्चों का आर्ट कैम्प हुआ, और महिलाओं के लिए सैनिटेरी नपकिंस डिस्ट्रिब्यूशन और हाइजीन जागरूकता के वर्क्शाप भी की। रूबल नागी आर्ट फाउंडेशन बलवाड़ी और कौशल केंद्र ऋषिकेश में शिक्षा और व्यवसाय और कौशल प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करेगा।
लक्ष्य विशेष रूप से बच्चों की व्यक्तिगत क्षमता को बढ़ावा देना है। उन्हें संभावनाओं की दुनिया दिखाने के लिए एक ऐसी दुनिया जहां बच्चों की आशा और भविष्य है। हमारे बलवाड़ी और एडू केंद्र पूरे भारत में झुग्गियों और गांवों में बनाए गए हैं। हमारे बलवाड़ी बच्चों के आने, नई चीजें सीखने, विभिन्न लोगों से मिलने, कई कुशल स्वयंसेवकों और पेशेवरों के साथ जुड़ने, खुद को बेहतर ढंग से व्यक्त करने और घर खुश रहने के लिए सुरक्षित स्थान बन गए हैं।
यह बदले में उन्हें विश्वास पैदा करता है सीखने, अध्ययन और उत्कृष्टता में वृद्धि हुई है और उन्हें हमारे निरंतर समर्थन और सलाह के कारण, अपनी वास्तविक क्षमता का एहसास होता है। इसके साथ ही हम युवाओं और महिलाओं के लिए एक कौशल केंद्र शुरू करने की योजना बना रहे हैं, जिससे उन्हें परिवार और समाज में अपनी वांछित भूमिका निभाने में मदद मिल सके। इस हस्तक्षेप के माध्यम से रोजगार और उद्यमशीलता दोनों को बढ़ावा मिलेगा।
इस हस्तक्षेप का प्रवेश द्वार केंद्र में हमारे स्वयंसेवकों द्वारा नियमित कार्यशालाओं के माध्यम से होगा। वही रूबल नागी बताती है हमारा मानना है कि व्यावसायिक शिक्षा सामाजिक स्थिरता और सतत आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने का काम कर सकती है। रोजगार बढ़ाने और नए उद्यमी बनाने से हम बड़े शहरों में आंतरिक प्रवास को कम करने में मदद कर सकते हैं, जो क्षेत्रीय रूप से संतुलित आर्थिक और सामाजिक विकास को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त है।






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