हरिद्वार की गूंज (24*7)

(हिमांशु सरीन) हरिद्वार। समूचे विश्व से संक्रमण का खतरा जहां एक ओर टलता नज़र आये था वही। भारत में कोरोना ने एक बार फिर से दस्तक दे दी है। भारत के कई राज्यों में कर्फ्यू लगा दिया गया है और कही कही सख्ती बढ़ा दी गयी है। गौरतलब है कि उत्तराखंड में पूर्व की तरह कोरोना ने अभी तक तांडव नही मचाया है लेकिन वर्तमान हालातों को देखते हुए अगर सरकार जल्द ही सख्ती नही अपनाती तो उत्तराखंड में मामलों की बढोत्तरी होना लाजमी हो जाएगा। हालांकि पिछले समय में कोरोना के बढ़ते मामलों को राज्य सरकार ने काफी हद तक संभाल लिया था। लेकिन देखना ये है कि अपनी चहल कदमी दूसरे राज्यों में जिस तरह से कोरोना संक्रमण ने बढ़ाई है उसे देखते हुए राज्य सरकार पहले ही कमर कसेगी या संक्रमण बढ़ने पर ही जागेगी ? उत्तरी हरिद्वार से सामाजिक कार्यकर्ता दीपक बोहरा के अनुसार सरकार को अभी से इसपर ध्यान देते हुए सख्ती बरतनी चाहिए, मास्क न पहनने वालो पर कड़ी कार्यवाही के साथ अनावश्यक रूप से बाहर निकलने वालों के विरुद्ध भी कार्यवाही शुरू कर देनी चाहिए साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर रोक लगाने के साथ ही स्कूल कालेज ओर अन्य शैक्षणिक संस्थानों के संचालन पर अभी से रोक लगा देनी चाहिए। जिससे इसके प्रभाव को कम किया जा सकें। भूतकाल में देखा गया है कि उन सरकारी कर्मचारियों को संक्रमण का खतरा अधिक था जिनकी ड्यूटी इससे संबंधित मामलों में लगाई गई थी, ऐसे में सरकार के पास कोरोना से निपटने के लिए सरकारी कर्मचारियों का अनुभव भी है जिसे इस्तेमाल कर इस संक्रमण को रोका जा सकता है।

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