हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। वरिष्ठ समाजसेवी हाजी जमशेद खान, हाजी मुकर्रम खान और नसीम सलमानी ने फल वितरण कर धूमधाम से ईद मिलदुन्नबी मनाई। हाजी जमशेद खान ने जश्ने ईद मिलदुन्नबी हजरत मोहम्मद (स.अ.) विलादत पर रोशनी डाली और लोगों को एक सच्चाई पर चलने का पैगाम दिया। जश्न क्यों मनाया जाता है इसकी फ़ज़ीलत क्या क्या है किस तरह मोहम्मद (स.अ) ने इस्लाम के लिये कुर्बानियां दी और सच्चाई का हक़ का परचम फेहलाय। वरिष्ठ समाजसेवी नसीम सलमानी ने कहा है कि कोरोना वायरस महामारी के बीच ईद ए मिलदुन्नबी बड़े ही एहतियात से देश में मनाया गया। हालांकि इस साल हर साल की तरह रौनक तो नहीं थी लेकिन फिर भी लोग अपने स्तर पर इस त्योहार को मना रहे हैं। इस्लामिक कैलेंडर के तीसरे महीने रबिउलअव्वल की 12 तारीख को मनाए जाने वाले इस त्योहार की अपनी अहमियत है। इस दिन आखिरी नबी और पैगंबर हज़रत मोहम्मद साहब का जन्म हुआ था। इस दिन लोग जश्न मनाते हैं मिठाइयां बांटते हैं और जुलूस निकालते हैं। हाजी मुकर्रम ने कहा कि हजरत मोहम्मद ने फरमाया कि गरीबों की मदद एवं मरीजों की खिदमत कर आपको सकून का इजाफा होगा मोहम्मद साहब के बताए हुए रास्ते पर चलने से दुनिया और आखिरत में भी आपको इज्जत मिलेगी। इस साल कोरोना वायरस के चलते जुलूस न निकालकर लोगो ने घरों और मस्जिदों में पैगंबर मोहम्मद (स.अ) का उर्ष मनाया और खुशियों का इजहार किया। फल वितरण करने में मुख्य रूप से हाजी मुकर्र्म, हाजी जमशेद खान, उरफ़ी अंसारी, नसीम सलमानी, सहराज खान शाहनवाज अब्बासी आदि उपस्थित रहे।



Post A Comment:
0 comments so far,add yours