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(फिरोज अहमद) लक्सर। लक्सर में ही नहीं वैसे तो इस वर्ष पूरे देश में करोना महामारी के चलते हिंदू धर्म की आस्था का प्रतीक भगवान श्री राम की लीला का आयोजन नहीं हो पाया है साथ ही दशहरा पर्व पर जहाँ पूरे देश में भव्य मेलों का आयोजन किया जाता था। इस बार मात्र रावण का पुतला दहन कर ही परंपरा निभाई गई। यह देश में एक इतिहास बनकर रह गया है। लक्सर नगर में भी 83 वी रामलीला का आयोजन इस वर्ष स्टेज पर कलाकारो के माध्यम से ना होकर प्रोजेक्ट के माध्यम से किया गया वहीं दूसरी ओर विजय दशमी दशहरे पर लगने वाले भव्य मेले के आयोजन को भी शासन प्रशासन द्वारा अनुमति नही दिये जाने के कारण निरस्त कर दिया गया और साधारण ढंग से रामलीला कमेटी के पदाधिकारियों व प्रशासन के अधिकारियों मीडिया कर्मियों तथा गणमान्य नागरिको की उपस्थिति मे रावण के पुतले का दहन किया गया इस मौके पर रावण के पुतले में रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विशाल चौधरी वह नगर पालिका परिषद अध्यक्ष अमरिश गर्ग ने संयुक्त रूप से रावण के पुतले का दहन किया सनातन धर्म रामलीला कमेटी के अध्यक्ष विशाल चौधरी ने बताया कि करोना काल के चलते सरकार द्वारा बनाई गई गाइडलाइनो का पालन करते हुए बहुत कम लोगों की संख्या में रावण का दहन किया गया साथ ही ज्योतिषियों की राय के साथ 3 बजकर बीस मिनट पर पंचक लग रहे थे जिसको देखते हुए 3 बजे तक रावण के पुतले का दहन किया गया वही नगर पालिका अध्यक्ष अमरीश गर्ग ने बताया कि विजयदशमी का पर्व बुराई पर अच्छाई की विजय का दिन है जिसमें रावण के पुतले का दहन किया गया है साथ ही इस समय कोरोना वायरस से सभी लोग जूझ रहे हैं और हमने आज कोरोना का दहन भी किया है।

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