हरिद्वार की गूंज (24*7)

(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। गुरूकुल कांगडी विश्वविद्यालय के शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग मे छात्रों ने आॅनलाईन गुगल मीट चैनल के माध्यम से गुरूओं के प्रति अपने भाव व्यक्त करने की एक अनूठी पहल की है। कोविड-19 महामारी के कारण सामाजिक दूरी की बाध्यता का पालन करते हुए शारीरिक शिक्षा के शोध-छात्रों ने मिलकर गुरू-शिष्य परम्परा को अविस्मरणीय बनाये रखते हुए अपने शिक्षकों के प्रति अपनी भावानाएं व्यक्त करके शिक्षक दिवस को यादगार बनाया। शोध छात्रों द्वारा आयोजित कार्यक्रम का संचालन सिकन्दर रावत द्वारा गुमनामी के अंधेरे में था, पहचान बना दिया, दुनिया के गम से मुझे अनजान बना दिया, गुरू की जब हुई कृपा, मुझे एक इंसान बना दिया से आरम्भ हुआ। प्रदीप कुमार ने गुरू को अंधकार मे ज्योति पुंज बताते हुए गुरू चरणों मे वंदन किया। एम०पी०एड छात्र दिवाकर ने भी गुरू वंदन करते हुए अपने भाव व्यक्त किये। शिक्षकों की ओर से डाॅ० शिवकुमार चैहान ने भारत के दूसरे राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन को प्रखर वक्ता, महान दार्शनिक एवं हिन्दु हदय सम्राट बताते हुए अपनी श्रद्वाजंलि अर्पित की। प्रो० आर०के०एस डागर ने छात्रों के इस प्रयास की प्रशंसा करते हुए एक शिक्षक के रूप में डाॅ० सर्वपल्ली राधाकृष्णन के व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। डाॅ० अजय मलिक ने भावों से भावना एवं भावना से संस्कृति एवं संस्कार का निर्माण होता है। जिसकी समाज मे सर्वाधिक आवश्यकता बताया। कार्यक्रम मे छात्र विशाल गुप्ता, आदित्य कुमार आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किये। कार्यक्रम मे डाॅ० कपिल मिश्रा, डाॅ अनुज कुमार, डाॅ० प्रणवीर सिंह, सुनील कुमार आदि उपस्थित रहे।

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