हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। सीपीएसटीयू के घटक दलों द्वारा दिल्ली में 27 जुलाई को एक बैठक संपन्न हुई थी, जिसमें भारत सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के विरोध में पूरे भारत ने जेल भरो आंदोलन असहयोग आंदोलन विरोध प्रदर्शन करने का आह्वान किया गया था। जिसमें कुछ मुख्य ज्वलंत समस्याओं को लेकर भारत बचाओ दिवस के रूप में आंदोलन किया गया। जिसमे श्रम कानूनों में किए जा रहे मजदूर विरोधी परिवर्तनों का विरोध, भारत सरकार द्वारा न्यूनतम वेतनमान लागू नहीं किये जाना, भेल एवं अन्य पी.एस.यू की संपत्तियों को बेचने का विरोध के अलावा केंद्रीय सरकार के उपक्रम कोयला खदान, रेलवे, एलआईसी, बैंक, पावर सेक्टर, रक्षा क्षेत्र एवं अन्य क्षेत्रों के निजी करण एवं विनिवेशीकरण का विरोध किया गया।
इसके अलावा पेंशनधारियों एवं सरकारी कर्मचारियों के डी.ए को फ्रिज किए जाने का विरोध, लॉकडाउन के दौरान बेरोजगार हुए मजदूरों को 7500/ प्रतिमाह मानदेय हस्तांतरण ना किए जाने का विरोध किया गया।
इस कड़ी में ए.एम.एस के राष्ट्रीय महासचिव हरभजन सिंह सिद्धू के आवाहन पर कोविड महामारी को ध्यान में रखते हुए एवं सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए यूनियन कार्यालय पर प्रातः 10 बजे सत्याग्रह आंदोलन भारत बचाओ दिवस के रूप में किया गया। जिसकी अध्यक्षता एच.एम.एस हीप, सी.एफ.एफ.पी एमपी सिंह द्वारा की गई।
मुख्य वक्ताओं में हिप महामंत्री मनीष सिंह, फाउंड्री महामंत्री सचिन शर्मा, प्रेमचंद सिमरा, राधेश्याम पंकज शर्मा, नरेश सिंह, अमरजीत, आशुतोष शर्मा, नरेश नेगी, वीरेंद्र चौहान, मुकेश चंद, अमित कुमार, महिपाल, योगेंद्र, सचिन राठी, संजय शर्मा, रणवीर, विपिन यादव, अशोक शर्मा, फिरोज, विनय दावडे, सुशील कुमार, रविंद्र यादव आदि ने अपने विचार रखे। साथ ही आह्वान क़िया कि देश के 54 करोड़ संगठित एवं असंगठित मजदूर 9 अगस्त से 18 अगस्त तक क्रमवार आंदोलन जारी रखेंगे। अगर तब भी मजदूर विरोधी सरकार कुंभकरणी नींद से नहीं जागती है, तब यह आंदोलन आगे भी जारी रखा जाएगा।



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