हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। कार्तिक कुमार चेयरमैन ने प्रेस को जारी बयान में कहा कि भारतवर्ष में भारतीय संविधान आर्टिकल 352, 360, 1950 से 2018 तक 115 बार राष्ट्रपति शासन लगा जा चुका है। इस दौरान किसी भी मंत्री का दबाव किसी ऑफिसर पर नहीं होता यह प्रक्रिया राष्ट्रपति शासन से हटके भी यह प्रक्रिया सदैव के लिए होनी चाहिए। पुलिस प्रोडक्शन ऑफ लाइफ इन सिविल इस्टैब्लिशमेंट, बीएसएफ, सीआईएसफ, सीआरपीएफ, एसएसबी, एनएसजी, विभिन्न सुरक्षा बल के पास सुरक्षा मंत्री का कोई भी इंवॉल्वमेंट ना होकर संसद के माध्यम से अलग ऑफिसर होना चाहिए। जिसमें किसी भी राजनीतिक पार्टी और बनी हुई सरकार का इंवॉल्वमेंट ना हो। संसद को इतना अधिकार है की शासन को चलाने की अनुमति किसी ऑफिसर को दी जा सकती है। कार्तिक कुमार चेयरमैन ने कहा कि जिस भी पार्टी की सरकार आती है उसके छोटे से छोटे कार्यकर्ता अपना प्रभाव प्रशासन पर भी दिखाते हैं। जिसमें प्रशासन को कार्य करने में बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। अगर कोई भी अधिकारी उसकी बात ना माने तो उसकी पार्टी के ऊपर से मंत्री का प्रेशर आता है। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी को झुकना ही पड़ता है। राजनेताओं का सुरक्षा बल पर कोई इंवॉल्वमेंट नहीं होना चाहिए। अगर यह कार्य संसद के माध्यम से स्वीकृत हो जाए तो भारतवर्ष का गुंडाराज 70 परसेंट से ज्यादा खत्म हो जाएगा। भ्रष्ट खोर नेताओं द्वारा समय-समय पर गवर्नमेंट एंप्लोई को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। इसके लिए ठोस कदम अभी तक नहीं उठाए गए हैं। समय के मुताबिक संविधान में कई चीजों को लाने की आवश्यकता है। कार्तिक कुमार चेयरमैन ने कहा कि मैं इस भारतवर्ष का नागरिक हूं और समय-समय पर मैं अन्याय के खिलाफ आवाज उठाते आया हूं। मैं आप सब की सेवा में सदैव तत्पर हूं इस भारतवर्ष को सुंदर बनाने के लिए हम सब का योगदान बड़ा ही महत्वपूर्ण है।



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