हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। भारतीय मजदूर संघ का 66 वा स्थापना दिवस, नगर निगम प्रांगण में भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध उत्तराखंड स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ द्वारा सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए बड़े हर्षोल्लास से मनाया गया। कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के जिला महामंत्री सुमित सिंघल ने ध्वजारोहण किया और कहा कि भारतीय मजदूर संघ सिर्फ एक श्रमिक संगठन ही नहीं अपितु राष्ट्र निर्माण का अंग है। संघ संस्थापक दत्तोपंत ठेंगड़ी ने 23 जुलाई 1955 को भोपाल में बाबा विश्वकर्मा को साक्षी मानकर भारतीय मजदूर संघ की स्थापना की थी, और देश के मजदूर आंदोलन को ट्रेड यूनियन के वामपंथी मॉडल से मुक्ति दिलाई। भारतीय मजदूर संघ देश के प्रथम पायदान का श्रमिक संगठन है जिसके लिए पहले राष्ट्रहित फिर उद्योग हित और अंत में मजदूर हित है। उन्होंने कहा कि भारतीय मजदूर संघ श्रमिकों का एक गैर राजनीतिक संगठन है जो किसी भी राजनीतिक दल की श्रमिक इकाई नहीं है। यह श्रमिकों का, श्रमिकों के लिए, श्रमिकों द्वारा संचालित श्रम संगठन है। कार्यकर्ताओं की मेहनत और बलिदान के फल स्वरुप 1989 में सदस्यता सत्यापन के आधार पर भारत में नंबर वन का संगठन बन गया जो आज भी पूरे देश में प्रथम पायदान पर है। जिसकी सदस्यता एक करोड़ सदस्य एवं 6000 यूनियन से भी अधिक है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आव्हान किया कि केवल शोषित पीड़ित दलित जनों का भाग्य बनाने वाले  साथ-साथ वास्तव में उन लोगों के लिए काम करें जो विशेष रूप से असंगठित क्षेत्र में हैं। जिसमें श्रमिक सभी सुविधाओं से वंचित हैं उन को संगठित कर उनके जीवन उत्थान में अपना समय शक्ति सभी कार्यकर्ता लगा दे। उत्तराखंड स्वायत्तशासी कर्मचारी महासंघ संबद्ध भारतीय मजदूर संघ के अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने कहा कि हमारे महापुरूषों ने भारतीय मजदूर संघ को मजबूत करने में अपना विशेष योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि नगर निगम के कर्मचारी कोरोना काल में समाज और देश की सेवा में जी-जान से लगे हुए हैं और अपने व अपने परिवार की स्वास्थ्य की चिंता ना करते हुए कोरोना संक्रमण को देश में फैलने से रोकने का पूरा प्रयास कर रहे हैं। भारतीय मजदूर संघ हरिद्वार के जिला सह मंत्री चंद्रशेखर चौहान  ने कहां की एकजुटता से ही  किसी भी जंग को जीता जा सकता है और श्रमिकों को न्याय दिलाया जा सकता है। कार्यक्रम में अवनीश शुक्ला, सुनील कुमार, आशा नौटियाल, प्रमोद कुमार, ईश्वर कुमार, स्वामी, मुनेश कुमार, अशोक, गौरी शंकर, सोनू, काका संजय, अरुण, रामचंद्र, राजू रामवीर सिंह, दलबीर कुमार, चित्रेश जैन, अलंकार सिंह,  निर्मल, ज्योति सिंह, दिनेश कुमार, महेश बाली, सुभाष कुमार, हरेंद्र, नीरज यादव, लखबीर सिंह, राजेंद्र कुमार आदि बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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