हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के महासचिव डाॅ० शिव कुमार चौहान ने वेबिनार के माध्यम से जागृति नामक संस्था द्वारा जसपुर मे आयोजित संस्कार कार्यक्रम के अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रूप में बोलते हुए कहाॅ कि शिक्षा और विद्या दोनो व्यक्ति के लिए जरूरी है। शिक्षा विषय के संदर्भ में शिक्षित बनाती है, जबकि विद्या संस्कार द्वारा व्यक्ति मे नैतिक मूल्य तथा श्रेष्ठ गुणों का रोपण करती है। व्यक्ति को जीवन में शिक्षा तथा विद्या दोनो ग्रहण करते हुए अपनी कार्य कुशलता का विकास करना चाहिए। उन्होने कहाॅ कि आज समाज मे शिक्षित लोगों की संख्या अधिक है परन्तु शिक्षित व्यक्ति संस्कारित भी हो ऐसा जरूरी नही। 
सामाजिक परिदृश्य तथा नैतिकता के पतन पर चिन्ता व्यक्त करते हुए बताया कि शिक्षा तथा विद्या दोनो मे असमानता सामाजिक चुनौती बनकर सामने आ रही है। यदि इस असमानता को दूर नही किया गया तो समाज का विघटन संभव है। असमानता के इस कारण को दूर करने के लिए उन्होने कहाॅ कि भावी पीढी के परिप्रेक्ष्य मे शिक्षा के साथ विद्या पर ध्यान दिया जाना जरूरी है जिसके लिए परिवारों का विघटन, संयुक्त परिवारवाद, बुजुर्गो का मान-सम्मान तथा समस्याओं पर उनका समाधान आदि मानकों को पुनः स्थापित कर भावी पीढी को संस्कारित एवं आत्म निर्भर बनाने की दिशा मे एक सराहनीय पहल हो सकती है। इस अवसर पर जागृति संस्था के अध्यक्ष ठाकुर धर्मेन्द्र प्रधान, महामंत्री विजयेन्द्र कुमार, हरिशपाल सिंह, विनय कुमार, सतेन्द्र सिंह आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संयोजन डाॅ० अवधेश कुमार द्वारा किया गया।
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