हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार द्वारा राजस्व की समस्या को देखते हुए शराब के ठेके तो खोलने पड़ गए मगर शराब के ठेके पर व्यवस्था बनाये रखने हेतु पुलिस विभाग को अपनी जिम्मेदारी सही से समझने की जरूरत है। यहां सामाजिक दूरी बनाए रखने हेतु कभी कभी तो 2-2 उप निरक्षक, कई-कई कॉन्स्टेबल लग जाते हैं तो कभी एक होमगार्ड का जवान तक भी नही होता। परिणामस्वरूप रविवार की शाम 6 बजे जगजीतपुर ठेके पर कुछ इस प्रकार से सामाजिक दूरी की धज्जियां उड़ी। जबकि यहां से पुलिस चौकी की दूरी मात्र 4 सौ मीटर है। जिसके कारण सभी शराब लेने वालो ने एक दूसरे से पहले शराब लेने के कारण डिस्टेन्स का पालन करना जरूरी नही समझा। जिसका परिणाम घातक भी हो सकता है। शुरू-शुरू में तो 2 मीटर की दूरी का अंतर रखते हुवे शराब लेने वालों को गोल घेरे में खड़ा किया गया था। मगर अब 7 बजने से पहले हर कोई अपनी आवश्यकता को पूरा करने हेतु धर्य खो देता है। हालाकि जगजीतपुर चौकी से 7 बजकर 13 मिनट पर जब 2 कॉन्स्टेबल बाइक पर राउंड लगाने आये तो उन्होंने देखा कि जो भीड़ लोहे की खिड़की के पास थी, बाद में वो बराबर गेट के पास एकत्र हो गयी। भीड़ ने जब पुलिस को आते हुवे देखा तो वो सभी अलग-अलग दिशा से निकलने शुरू हो गए थे। जगजीतपुर पुलिस चौकी में दो महिला कांस्टेबल, होमगार्ड और चौकी इंचार्ज के अतिरिक्त 2 उपनिरक्षक रहते हैं। जरूरी नही ठेके पर उप निरक्षक की तैनाती की जाय एक कांस्टेबल एक होमगार्ड भी शराब के ठेके पर व्यवस्था बनाए रखने हेतु प्रयाप्त है। इस विषय मे चौकी इंचार्ज राजेंद्र रावत ने बताया कि ठेके पर स्थानीय पुलिस द्वारा सामाजिक दूरी बनाने के लिये गोल घेरे बना दिये गए थे। कल देशी और इंग्लिश ठेके संचालक को व्यवस्था बनाने के निर्देश दे दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त वहाँ पुलिस की ड्यूटी निश्चित कर दी गयी है।
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