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(रजत चौहान) हरिद्वार। गुरुकुल काँगड़ी विश्वविद्यालय एवं भारत विकास परिषद के संयुक्त तत्वावधान में विश्वविद्यालय के प्रांगण में पर्यावरण दिवस के अवसर पर फलदार और औषधि का रोपण विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० रूप किशोर शास्त्री और कुलसचिव  प्रो दिनेश चन्द्र भट्ट ने किया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो रूप किशोर शास्त्री ने कहा कि कोरोना काल में पौधों का रोपण करना अत्यन्त आवश्यक है। आज योग विज्ञान विभाग के प्रांगण में अशोक, नीम और छायादार पौधों का रोपण किया गया है। औषधि पौधे हमारे जीवन के लिए विशेष उपयोगी होते हैं। आज आयुर्वेद का युग लौट आया है। इस युग में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय का योगदान ऐतिहासिक रहा है। पर्यावरण को सही रूप में देखा जाए तो गुरुकुल एक ऐसा संस्थान है जहां पर पौधों और वृक्षों की संख्यात्मक रूप से अधिक है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो० दिनेश चन्द्र भट्ट ने पर्यावरण दिवस के अवसर पर कहा कि देश में कोरोना महामारी फैलने से सबसे अच्छा असर पर्यावरण पर पड़ा है। देश की नदियां एवं जलवायु स्वच्छ हो गये है। देश में पर्यावरण को संरक्षित करना है तो देश की आबादी पर अंकुश लगाना जरूरी है। योग विज्ञान विभाग के प्रोफेसर ईश्वर भारद्वाज ने कहा कि वर्तमान में पेड पौधे ही हमें आक्सीजन दे रहे हैं। आज कोरोना महामारी के समय पर औषधि वृक्ष ही हमारे लिए रामबाण का काम कर रहे हैं। ऐलोपेथिक दवाईयों में इस महामारी का कोई भी उपचार अभी तक नहीं है। शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में पेड़ और औषधि वृक्षों की छालें कारगर सिद्ध हो रही है। भारत विकास परिषद के प्रान्तीय उपाध्यक्ष बी०पी० गुप्ता एवं कोषाध्यक्ष जे०के० मोंगा ने कहा कि भारत विकास परिषद के सदस्यों के सौजन्य से विश्वविद्यालय में फलदार एवं छायादार 50 पौधों का रोपण किया गया है। विश्वविद्यालय इन पौधों का संरक्षण अपने निजी स्तर पर कराएगा। इस अवसर पर प्रो० आर०के०एस० डागर, प्रो० एल०पी० पुरोहित, डा० अजय मलिक, डा० हेमवती नन्दन, डा० उधम सिंह, डा० विपिन शर्मा, डा० सुरेन्द्र त्यागी, डा० योगेश्वर त्यागी, डा० शिव कुमार चैहान, डा० रोशन लाल, डा० पंकज कौशिक, डा० गगन माटा, डा० गन्धर्व सेन, चन्द्रप्रकाश, दुष्यन्त राणा, हेमन्त सिंह नेगी इत्यादि उपस्थित रहे।
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