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मदद न मिलने पर तमिलनाडू से अपने निजी खर्चे पर आए घर वापिस

(अमित रतूडी) ऋषिकेश। उतराखंड सरकार प्रवासियों के साथ धोखा कर रही है, सरकार की प्रवासियों के लिए चिंता सिर्फ सोशल मीडिया पर अपनी लोकप्रियता को बनाने के लिए है। जबकि प्रवासी लाखों की रकम खर्च कर अपने घर को वापस आ रहे हैं। यह कहना है तमिलनाडू से तीर्थनगरी पहुंचे उतराखंड प्रवासियों का। बुधवार को प्रवासियों को तमिलनाडू से लेकर चार बसें ऋषिकेश के मुनिकीरेती मेडिकल कैंप पहुंची, यहां प्रवासियों ने अपनी आप बीती बताई। उन्होंने बताया कि वह तमिलनाडू में निजी होटलों में जाॅब करते हैं, तमिलनाडू रेड जोन में है जहां पर कोरोना की तादात दिन ब दिन बढ़ती ही जा रही है। कई लोग अपने परिवारों को लेकर भी वहां रह रहे थे, कोरोना के खौफ से उन्होंने जल्द से जल्द अपने गांव पंहुचने के लिए उतराखंड सरकार की तमाम हेल्पलाइन, आॅनलाइन सभी प्रकार की सुविधाओं पर घर वापसी के लिए आग्रह किया। लेकिन उतराखंड सरकार द्वारा कोई भी रिस्पांस नहीं मिला। जिसके बाद उन्होंने तमिलनाडू सरकार से अपने राज्य के लिए पास बनाए और अपने निजी खर्चे पर चार बसें बुक की। बताया कि करीब दस लाख में एक सौ बीस लोग चार बसों को लेकर पहुंचे हैं। उन्होंने राज्य सरकार पर आरोप लगाया है कि सरकार प्रवासियों के साथ धोखा कर रही है। अभी वह सिर्फ राज्य के ऋषिकेश ही पहुंचे हैं। जबकि उन्हें अभी पहाड़ के विभिन्न जनपदों में जाना है। उधर, मुनिकीरेती मेडिकल कैंप में प्रवासियों का हेल्थ चेंकअप किया जा रहा है। जबकि प्रवासियों का कहना है कि राज्य सरकार जब मदद न कर सके तो खाली दावे करके अपनी लोकप्रियता को बनाने का प्रयास भी न करे। प्रवासी राहुल कैंतुरा, प्रवीण कुमार, शूरवीर सिंह राजीव कुमार ने बताया कि सरकार प्रवासियों के साथ धोखा कर रही है। कोरोना की दहशत से उन लोगों को आनन फानन में अपने राज्य आना पड़ा। जबकि सरकारी तंत्र से विभिन्न माध्यमों से संपर्क किया गया। लेकिन उन्हें वापसी के लिए कोई ठोस उपाय सरकार द्वारा उपलब्ध नहीं कराया गया। 
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