हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। जीवन का प्रबंधन बहु-आयामी है, जिसमे संवेदना तथा कार्य कुशलता के महत्व को समझना जरूरी है। व्यक्ति के जीवन में संवेदना कार्य के प्रति जज्बा पैदा करती है, तो कार्य कुशलता लगन को पैदा करती है, जीवन के किसी भी उद्देश्य मे जज्बा तथा लगन सफलता प्रदान करती है, ये विचार प्रो० कृष्ण कान्त साहू ने गुरूकुल कांगडी विश्वविद्यालय में आयोजित वेबिनार के माध्यम से व्यक्त किए। उन्होने नोवल शान्ति पुरूस्कार विजेता तथा दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति रहे नेल्सन मेंडेला के कथन खेलों मे विश्व को बदलने की शक्ति विद्ययमान है, पर विस्तार से चर्चा की। अन्त में उन्होने कहा कि प्रबंधन किसी भी क्षेत्र से जुडा हो मूलमंत्र कुशलता से सफलता प्राप्त करना है, प्रो० साहू शारीरिक शिक्षा एवं खेल विभाग द्वारा आयोजित तीसरे वेबिनार के सत्र को मुख्य वक्ता के रूप में प्रतिभागियों के प्रश्नों के उत्तर दे रहे थे। वेबिनार के डायरेक्टर एवं छात्र कल्याण के डीन प्रो० आर०के०एस डागर ने बताया कि शिक्षा तथा शिक्षण के बदलते तरीके मे वेबिनार का आयोजन एक प्रभावशाली माध्यम बनता जा रहा है। वेबिनार के संयोजक तथा मोडनेटर डाॅ० शिव कुमार ने बताया कि कोविड के कारण बदली परिस्थिति तथा शिक्षा के क्षेत्र की चुनौतियों से जुडे प्रश्नों के भी समाधान वेबिनार के माध्यम से किए। जिसमे दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तराखंड, उ०प्र० आदि राज्य से प्रतिभागी, शोधार्थी तथा छात्रों ने भाग लिया।
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