हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। कोरोना वायरस के कारण देश में लॉक डाउन के चलते विभिन्न राज्यो से यात्री अस्थि विसर्जन हेतु भी नही आ पा रहे थे। लेकिन अब केंद्र सरकार द्वारा कुछ व्यवस्था होने के बाद यात्रियों ने कर्मकांड हेतु आना शुरू किया है। मगर रास्ते मे उन्हें बन्द पड़े होटल, ढाबो के कारण भूख प्यास सहन कर आना पड़ रहा है। इसकी जानकारी जब निकुंज पराशर को हुई तो उन्होंने इस विषय मे कुछ करने की ठानी। जी हां, देवभूमि, तीर्थ नगरी हरिद्वार में हनुमान घाट निकट एक तीर्थ पुरोहित ने गद्दी पर ही दूसरे राज्यों से अस्थियां लेकर हरिद्वार आने वाले यात्रियों के लिए चाय, नाश्ता, भोजन की व्यवस्था अपनी गद्दी पर बनी अपनी रसोईं से की है। हनुमान घाट निकट मोती राम राजा राम फर्म के युवा पुरोहित चन्द्र प्रकाश क्षेत्रीय के पोत्र, सुनिल श्रोत्रिय के पुत्र निकुंज पराशर से बात की तो उन्होंने बताया कि जो यात्री अस्थियां लेकर हरिद्वार आ रहे हैं यहाँ लोकडाउन के कारण सभी खाने पीने के होटल बंद है तो यात्री अस्थियां प्रवाह कर कर्म का कार्य करने के बाद स्नान करके भूखा ना जाय इसके लिये उन्होंने यात्रियों की सुविधा को देखते हुवे यह व्यवस्था करने की ठानी है। जैसा कि लॉक डाउन के चलते रास्ते में अधिकांश होटल, ढाबे बन्द पड़े हैं। जिसके कारण वो भूखे भी होते हैं। अतः कर्मकांड के पश्चात उनके द्वारा उनकी गद्दी पर ही यात्रीयो को चाय, नाश्ता, भोजन, पानी सभी चीजों की व्यवस्था निःशुल्क दी जा रही हैं। निकुंज पराशर के इस सराहनीय कार्य की यात्रियों ने भी प्रशंसा की है। उनकी यह एक व्यवस्था अतिथि देवो भवः में भी प्रेरणा दायक है।
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