हरिद्वार की गूंज (24*7)
(अमित रतूड़ी) ऋषिकेश। एक ओर जहाँ कोरोना वारियर्स अपना जीवन दांव पर लगाकर लोगों के जीवन बचाने के लिए दिन-रात एक किए हुए हैं, वहीं कुछ विवेक शून्य लोग कोरोना जैसी महामारी की परवाह न करते हुए तमाम नियम कानूनों को धत्ता बताकर उल्लंघन करने पर उतारू हैं। वही एक ऐसा मामला टिहरी जनपद के भिलंगना ब्लॉक का सामने आया है। 2 माह पहले से 3 युवा अपने रिश्तेदारों के यहां हरिद्वार में रह रहे थे, कोरोना महामारी के चलते विगत 24 मार्च से देश में लॉक डाउन है। जिले की तमाम सीमाएं सील हैं। बगैर ई-पास व अनुमति तथा स्वास्थ्य जांच के बगैर कोई भी एक जिले से दूसरे जिले की सीमा नहीं लांघ सकता। लेकिन भिलंगना ब्लॉक से घनसाली क्षेत्र के तीन युवाओं ने लॉकडाउन के तमाम नियमों को दरकिनार कर पुलिस की आंखों में धूल झोंकते हुए 3 जिलों की सीमाएं लांघ डाली। सूत्रों के मुताबिक ये तीनों युवा कोरोना से बचने के तमाम नियम कानूनों को ताक पर रखकर 4 मई को हरिद्वार से जंगल के रास्ते पैदल गांव की ओर चल पड़े। जानकारी के अनुसार ये तीनों युवा 5 मई रात्रि को नरेंद्र नगर के जंगल में रहे। और 6 मई सायं 4 बजे अपने-गांवों में जा पहुंचे, नरेंद्र नगर से गांव की दूरी 100 किलोमीटर से अधिक है जिसे 1 दिन से भी कम समय में पैदल तय करना मुश्किल है। स्पष्ट है कि ये वाहन के जरिए गांव पहुंचे। यह जांच का विषय है, बहरहाल बगैर जांच के इन युवाओं का गांव में आना क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और संबंधित गांव के लोग सहमें-सहमें से नजर आ रहे हैं। दोनों ग्राम पंचायतों के प्रधानों द्वारा दी गई सूचनाओं का संज्ञान संबंधित विभाग कब लेते हैं इसी इंतजार में हैं ग्रामीण। मिली जानकारी के मुताबिक ग्राम सेमल्थ का सम्पूर्णा पुत्र भरत लाल 18 वर्ष, प्रमोद पुत्र छविलाल 24 वर्ष व विक्रम पुत्र श्यामलाल 26 वर्ष, दोनों निवासी ग्राम खसेती, विगत 2 महीनों से अपने रिश्तेदारों के यहां हरिद्वार में रह रहे थे, बहरहाल टिहरी पुलिस मामले की जांच पड़ताल में जुट गई है।
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