हरिद्वार की गूंज (24*7)
(इमरान देशभक्त) रुड़की। खुशियों भरा त्यौहार "ईद" का महत्व मजहब इस्लाम में एक महीने के रोजे रखने के बाद और अधिक बढ़ जाता है। इस बार ईद उल फितर अकीदतमंदो के लिए खुशियों भरा नहीं, बल्कि बेहद मायूसी भरा रहा, क्योंकि इस बार वैश्विक महामारी कोरोना वायरस नाम की बीमारी से बचाव की गरज से लगाए गए लोकडाउन की गाइडलाइंस के मुताबिक सोशल डिस्टेंस पर अमल करते हुए ईद-उल-फितर की नमाज ईदगाह या मस्जिदों में अदा नहीं की गई, बल्कि अकीदतमंदो द्वारा अपने-अपने घरों में ही अदा की गई। चीन से चलकर दुनियाभर के तमाम देशों में फैला कोरोना आज हिंदुस्तान में भी लाइलाज खतरनाक बीमारी के रूप में अपने पैर पसार चुका है। इस बीमारी से बचाव को लेकर पिछले दो महीनों से लगाए गए लॉकडाउन के कारण बहुत ज्यादा परेशानियां आम नागरिकों को झेलनी पड़ रही है। इस बीमारी से बचाव का खास तरीका सोशल डिस्टेंस होने के कारण लॉकडाउन की गाइडलाइन के मुताबिक पिछले दो महीनों से धार्मिक स्थलों में इबादत भी नहीं हो पा रही है। इसका प्रभाव ईद-उल-फितर पर भी पड़ा है। पिछले साल तक नूरानियत और तमाम रौनक भरे माहौल में मनाए जाने वाले ईद-उल-फितर के इस त्यौहार पर इस बार ईदगाह और मस्जिदें सुनसान ही रही। लोग एक दूसरे से गले भी नहीं मिल पाए और दूसरों के यहां जाकर सीर व सैवियां खाने से भी महरूम रहे। युवाओं की टोलियां गलीकूचे में चहलकदमी नहीं कर पाई तथा यहां तक लोग नए कपड़े भी नहीं बना पाए। कुल मिलाकर खुशियों भरा कहे जाने वाला ईद-उल-फितर का यह त्यौहार बेहद अफसोस और मायूस भरा रहा। मजहब इस्लाम के मुताबिक बीमारी से बचाव भी सुन्नत है और मुल्क के हर जायज उसूल और कानून पर अमल करना भी जरूरी है। इसके चलते फिलहाल इस बीमारी से बचाव की वजह से अकीदतमंद खुशियों के इस त्यौहार को गुजरे सालों की तरह मनाने की बजाय सब्र करते हुए अपने-अपने घरों में रहकर ही नमाज पढ़कर सादगी से ईद मनाने पर मजबूर हुए। ईदगाह और मस्जिदों में नमाज ना पढ़ने और सादगी से ईद मनाने के फैसले से बच्चों के अरमानों पर भी पानी फिर गया।ईद की खुशियों में उछलकूद करने को लेकर पूरे साल इंतजार में रहते बच्चे इस बार ईद को लेकर भी बेहद मायूस नजर आए और खुशियों की बौछार कर देने वाली ईद पर इस बार चारों ओर विरानगी को देखते हुए बच्चों की जुबान पर बस एक ही सवाल रहा कि क्या इससे पहले भी कभी ऐसा हुआ था।सोशल डिस्टेंस का पालन करते हुए नगर की प्रमुख ईदगाह में मुफ्ती मोहम्मद सलीम, जामा मस्जिद में कारी कलीमुद्दीन ने ईद की नमाज अदा कराई। नमाज के पश्चात अकीदतमंदो ने कौम की तरक्की मुल्क और प्रदेश की खुशहाली की विशेष दुआएं मांगी।इस अवसर पर कोतवाली गंगनहर इंचार्ज इंस्पेक्टर राजेश शाह, उपनिरीक्षक नौटियाल तथा गुप्तचर विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।
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