हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ चिकित्सा स्वास्थ्य सेवायें उत्तराखण्ड ने चतुर्थ वर्गीय राज्य कर्मचारी महासंघ उत्तराखंड के निर्देश पर 1 मई मजदूर दिवस पर सरकार के निर्णय के विरुद्ध विरोध प्रदर्शन किया। स्वास्थ्य कर्मचारियों द्वारा सामाजिक दूरी बनाते हुवे लाल झंडे दिखाकर अपना विरोध प्रदर्शन किया। इस अवसर पर प्रदेश महामंत्री दिनेश लखेड़ा ने कहा कि जिस समय पूरा देश स्वास्थ्य कर्मिको को कोरोना योद्धा से सम्बोधित करके सम्मान दे रहा है उस समय सरकार का यह निर्णय उनकी स्वस्थ मानसिकता का परिचय नही देता हैं। प्रदेश अध्यक्ष मनवर सिंह नेग, संयुक्त मंत्री शिवनारायन सिंह ने कहा है कि स्वास्थ्य कर्मचारी सरकार के आदेशानुसार अपने फर्ज को बिना किसी अवकाश लिये पूरा कर रहे है। कर्मचारी ड्यूटी के बाद भी ऑन काल रहेंगे किन्तु जब कर्मचारियों की महंगाई भत्ता देने की बारी आई तो उसको डेढ़ वर्ष के लिए फ्रीज कर दिया जाता है। जिसके कारण कर्मचारियों, पेंशनरों को भारी आर्थिक हानि हो रही है। जो कि कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात हुआ है ऐसा अन्यायपूर्ण निर्णय किसी भी सुरत में मान्य नही है। वरिष्ठ नेता राजेंन्दर तेश्वर, राकेश भंवर, महेश कुमार का संयुक्त रूप से कहना है कि जिन कर्मचारियों के बच्चे लोन लेकर उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं इससे उनका भविष्य खराब हो सकता हैं। सरकार को चाहिए था कि वो कोई भी निर्णय लेने से पूर्व सभी पहलुओं पर समझदारी और दूरदृष्टी से काम करती। लेकिन ऐसा लगता हैं कि इससे सरकार को कोई सरोकर नहीं है। पेन्सनर सोम प्रकाश और परीक्षा देवी ने कहा है कि सरकार कर्मचारियों को तो हानि पहुचा रही है पर इन्होने तो पेंशनरों को भी नही बख्सा। विरोध प्रदर्शन करने वालों में भगवानपुर से मुख्य संयोजक जीत सिंह, अध्यक्ष विजेंद्र पाल, कोषाध्यक्ष मुनिराम ने आर्युवेद युनानी शाखा हरिद्वार की छत से लाल ध्वज दिखाकर प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त सोम प्रकाश, राजेन्द्र तेश्वर, महेश कुमार, सुरेश, दिनेश नौटियाल, राकेश भंवर, मूल चंद चौधरी, शिवनारायनसिंह, दिनेश लखेडा, अजय रानी, रजनी, रेखा पूजा, परिक्षा देवी, आशीष, जीत सिंह, संजय, दीक्षा, अर्पित, अमन सन्नी, अरुण और उनके परिवार के सदस्ये शामिल रहे।




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