हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। भारतीय भोजन प्राकृतिक तथा औषध गुणों से तैयार होने वाले व्यंजनों की एक सम्पन्न विद्या है। यह विद्या हमारे ऋषियों तथा पूर्वजों के द्वारा पोषित अमूल्य धरोहर के रूप में आदि काल से आज तक मानव विकास को समर्पित रही है। प्रकृति से प्राप्त तत्व तथा ऋतुओं के संरक्षण में तैयार होने वाले फल-सब्जियाॅ, अनाज, दाल, गन्ना आदि अनेक वस्तुएं कुदरत द्वारा दिया गया अनमोल उपहार है। इस उपहार से पली-बढी भारतीय खाद्यय व्यवस्था अपने अंदर ऐसे असंख्य  रहस्य छिपाए है, जो व्यक्ति के स्वास्थ्य से जुडे अचूक प्रयोगों में प्रभावशाली स्थान रखते है। इसी अचूक प्रयोग में गन्ना तथा इससे बनने वाले पदार्थ व्यक्ति को सर्दी तथा गर्मी दोनो ही ऋतुओं में गर्म तथा ठंडा अनुभव कराते है। आजकल गर्मी के मौसम मे इससे मिलने वाला रस गर्मी से शीतलता प्रदान करता है वही इससे बनने वाला गुड अपने असंख्यों गुणों से भरपूर होने के कारण मानव को सेहत का खजाना प्रदान करता है। कोविड-19 महामारी के समय मे स्वास्थ्य विशेषज्ञ, आहार सलाहकार तथा फिटनेस एक्सपर्ट सभी इम्यूनिटी को मजबूत बनाने की बात कह रहे है, क्योकि वैक्सीन के अभाव में मजबूत इम्यूनिटी ही इस वायरस से मुकाबले का सशक्त माध्यम है। गुड मे उपस्थित पोषक तत्व- गुड में आयरन, फास्फोरस तथा कैल्शियम प्रचुर मात्रा मे पाया जाता है। इन पोषक तत्वों के कारण यह हडिडयों, मांस-पेशियों, बाॅडी मोमेन्ट से जुडी क्रियाओं तथा शरीर की शुद्विकरण क्रियाओं मे सहायक होता है। 

गुड के प्रयोग से होने वाले फायदे-  
1. एक स्वस्थ तथा मजबूत व्यक्ति के लिए जरूरी है, उसकी शारीरिक रचना तथा पाचन क्रिया उत्तम ढंग से काम करे। गुड शरीर की हडिडयों तथा मांसपेशियों को मजबूती प्रदान करके उत्तम शारीरिक ढांचे का निर्माण करने मे सहायक होता है।
2. पाचन मे गडबडी, खटटी डकार, एसीडिटी की शिकायत होने पर गुड रामबाण औषधी के रूप में काम करता है।
3. अधिक एसीडिटी वाले व्यक्तियों को यूरिक एसिड बनने की सम्भावना अधिक होती है। इसलिए रात मे एक छोटा टुकडा गुड खाना फायदे मंद होता है।
4. पाचन क्रिया मे सहायक एन्जाइम को एक्टीवेट करता है तथा मेटाबालिक प्रक्रिया को बढाने मे मदद करता है।
5. रूधिर परिसंचरण तंत्र अर्थात शरीर मे खून के प्रवाह को सुचारू रूप से बनाए रखने मदद करता है। जिससे आक्सीजन की आपूर्ति मे कमी नही होती और तनाव मुक्ति मे सहायता मिलती है।
6. खिलाडी अथवा शारीरिक श्रम करने वालों को श्रम करने के बाद गुड खाना फायदेमंद रहता है। यह शरीर को शीघ्र कार्बोहाइडेªट उपलब्ध कराकर ऊर्जा की कमी को दूर करके शरीर को स्फूर्ति प्रदान करता है।
7. जिन लोगो में एनीमिया ब्लड अथवा हीमोग्लोबिन कम होता है, गुड खाने से  एनीमिया ब्लड तथा हीमोग्लोबिन का स्तर बढता है। पोषक वैल्यू के अनुसार  100 ग्राम गुड में 11 मिली ग्राम आयरन होता है।
8. शरीर की अधिकतर बीमारियाॅ लीवर मे अशुद्विया रहने के कारण होती है। गुड लीवर को डिटाॅक्स करके उसकी क्रियाविधि को बढाता है।
9. रात को गुड पानी मे भिगाकर रखने तथा सुबह खाली पेट पीने से कब्ज की शिकायत दूर होती है।
10. जिन महिलाओं को मुहांसे तथा त्वचा सम्बंधी रोग होते है। उनमे गुड अधिक फायदेमंद होता है। यह ब्लड क्लेंजर के रूप में खून को साफ करता है तथा त्वचा को ग्लो प्रदान करता है। 
11 शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढाने कर सस्ता तथा सुलभ साधन है। जिन बच्चों को खांसी, जुकाम, गला खराब जैसी शिकायत रहती है। उन्हे अदरक तथा गुड का मिलाकर प्रयोग करना चाहिए।
12. जोडों के दर्द मे भी गुड तथा अदरक का प्रयोग रामबाण औषधि के रूप में काम करता है।
13. महिलाओं मे मासिक धर्म तथा पीएमएस अथवा मेन्सटूअल क्रेम्प (पेट मे तेज दर्द) की शिकायत रहती है, उन्हे गुड खाने से आराम मिलता है।
14. अस्थमा/ब्रोंकाईटस तथा श्वांस सम्बधी बीमारियों मे गुड खाना लाभदायक होता है।
15. माईग्रेन के दर्द मे गुड खाना लाभदायक होता है।
16. आंखों की दृष्टि कमजोर होने तथा उनके सूखा रहने की बीमारी होने पर गुड खाने से ठीक होने में मदद मिलती है।
17. शरीर के तापमान को नियंत्रित करने मे गुड मदद करता है। लू अथवा गर्म हवाओं आदि के प्रकोप मे भी गुड खाना फायदेमंद होता है।
18. पीलिया होने तथा कान मे दर्द होने पर गुड खाने से लाभ होता है।
19. गुड खाने से स्मरण शक्ति तेज होती है।
20. सूजन होने गुड का सेवन नही करना चाहिए।
21. जो व्यक्ति मोटे होते है तथा मोटापा कम करने का प्रयास कर रहे है, उन्हे गुड का सेवन नही करना चाहिए।
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