हरिद्वार की गूंज (24*7)
(प्रदीप बड़थ्वाल) हरिद्वार। परम पूज्यनीय माता निर्मला देवी प्रणीत सहज योग 5 मई 2020 को अपना स्वर्ण जयंती समारोह मना रहा है। सहज योग स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष में 1 मई से 5 मई तक ध्यान व संगीत के विभिन्न कार्यक्रम किए जा रहें है, जिसमें भारत सहित 70 देशों के सहज योगियों ने ऑनलाइन भाग लिया। इसी क्रम में 3 मई को ऑनलाइन आत्मसाक्षात्कार का एक भव्य कार्यक्रम आयोजन किया गया, जिसमें घर बैठे ही हजारों साधकों द्वारा सहज योग विधि से अपना आत्म साक्षात्कार प्राप्त किया गया। सहज योग का प्रारंभ 5 मई 1970 को माता निर्मला देवी द्वारा गुजरात राज्य के नरगोल नामक स्थान से किया गया। आज पूरे विश्व के लगभग 125 से अधिक देशों में सभी धर्म एवं जाति के लोगों द्वारा सहज योग पद्धति से ध्यान का आनंद लिया जा रहा है। सहज अर्थात अंतरजात (स्वाभाविक) अपने आप होने वाला तथा योग अर्थात परमात्मा से एका कारिता हर मनुष्य के अंदर जन्म से ही एक स्वतंत्र होता है। जो जागृत होने पर परमात्मा से योग प्रदान करता है। सहजयोग के अनुसार मनुष्य के इस सूक्ष्म तंत्र में कुंडलिनी नामक शक्ति हमारे अंदर स्थित है। जो परमात्मा की शक्ति का प्रतिबिंब है। यह शक्ति हमारे रीड की हड्डी के निचले छोर में त्रिकोण आकार अस्थि में विराजमान है। इसके अतिरिक्त मानव सूक्ष्म शरीर में सात चक्र एवं तीन नाडिया होती है। जब मनुष्य सहज योग विधि के अनुसार ध्यान करता है।तो उसकी कुंडलिनी शक्ति जागृत होकर इन चक्रों से गुजरते हुए सिर के ऊपर तालु क्षेत्र में स्थित सहस्रार चक्र का भेदन करती है। इसे मानव को अपना आत्म साक्षात्कार प्राप्त होता है। और उसको अपने हाथों की हथेलियों और सिर के तालू भाग पर शीतल चैतन्य लहरियों की अनुभूति होती है। सहज योग सामूहिक ध्यान मानव शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को सशक्त बनाता है।और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाता है। इससे शरीर निरोगी बनता है। सहज योग ध्यान एक विश्वव्यापी प्रमाणित ध्यान विधि है। आज जब सारा विश्व कोरोना वायरस के संक्रमण से ग्रसित है। ऐसे में इससे निर्मित आपदा के प्रभाव को कम करने एवं उसके उन्मूलन की दिशा में सहयोग सामूहिक ध्यान शक्ति का प्रयोग एक कारगर उपचार साबित हो सकता है। इस दिशा में विश्व भर में फैले हुए सहयोगी साधक लॉक डाउन और सामाजिक दूरी के इस दौर में अपने अपने घरों में ऑनलाइन सामूहिक ध्यान से जुड़कर दिव्य चेतना को वातावरण में फैला रहे हैं। साथ ही सामूहिक ध्यान से इस विश्वव्यापी बाधा को समाप्त करने हेतु प्रार्थनाएं, हवन पूजन एवं सहयोग ध्यान पद्धति से जुड़ी सभी दिव्य युक्तियों का प्रयोग अपने-अपने स्थानों से कर रहे हैं। लॉकडाउन की अवधि में लगभग 70 देशों के ढाई लाख से अधिक लोग प्रतिदिन सहज योग ध्यान के ऑनलाइन सत्र के द्वारा सामूहिक ध्यान कर रहे हैं। इस प्रयोजन हेतु भारत में सामूहिक ध्यान का ऑनलाइन प्रसारण पुणे स्थित सहज योग प्रतिष्ठान से प्रतिदिन प्रातः 5:30 से 7:30 से किया जा रहा है।जिसे पूरे विश्व में फैले सहयोगी साधक प्रतिदिन अपने घरों में सुरक्षित रह कर निर्धारित समय पर घर बैठे विश्व सामूहिक ता से जुड़कर सामूहिक ध्यान कर रहे हैं। इस हेतु यूट्यूब, फेसबुक , मिक्स एलआर और टीवी जैसे प्लेटफार्म का उपयोग सामूहिक ध्यान के लिए किया जा रहा है। परम पूजनीय माता द्वारा मानव कल्याण की दिशा में कार्य करते हुए कई प्रोजेक्ट एवं कार्य प्रारंभ किए गए हैं।जिसमें ग्रेटर नोएडा में स्थापित विश्व निर्मल प्रेम आश्रम भी है। इसमें आश्रय हीन महिला है एवं बच्चों को आश्रय देकर उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन प्रदान करने हेतु प्रयास किया जाता है। हिमाचल प्रदेश स्थित धर्मशाला में अंतरराष्ट्रीय सहज पब्लिक स्कूल स्थापित किया गया है जिसमें विश्व के अनेक देशों के बच्चों को आधुनिक शिक्षा के द्वारा शिक्षित करते हुए सहयोग तथा भारतीय संस्कृति का भी ज्ञान प्रदान किया जाता है। सहज योग विधि द्वारा विभिन्न बीमारियों के उपचार तथा निदान हेतु ग्रेटर नोएडा एवं बेलापुर वाशी नवी मुंबई में सहयोग हेल्थ एवं रिसर्च सेंटर को स्थापित किया गया है।हरिद्वार में सहज योग ध्यान केंद्र जगजीतपुर निकट शिव डेल स्कूल लक्सर रोड पर स्थित है। यहां पर साप्ताहिक ध्यान कार्यक्रम प्रत्येक रविवार प्रातः 10:30 बजे होता है। आजकल लॉक डाउन के कारण यह कार्यक्रम स्थगित है और सभी साधक ऑनलाइन ध्यान कर रहे हैं। जो भी नहीं साधक इस दौर में सहयोग ध्यान से लाभान्वित होने के इच्छुक हैं। उनके लिए प्रतिदिन ऑनलाइन कार्यक्रम शाम 5:00 से आयोजित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम से जुड़ने हेतु टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800 3070 0800 पता यूट्यूब चैनल लर्निंग सहज योग है। जिसे देश में फैले हमारे सहयोगी भाई बहन संचालित कर रहे हैं।



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