हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। नोवल कोरोना वायरस से आम जनता को बचाने के अतिरिक्त संवेदनशील क्षेत्रों में उच्च अधिकारियों को बचाने हेतु इस क्षेत्र में पशुओं को चराने और संदिग्ध व्यक्तियों के घूमने पर सख्ती से रोक लगे। जी हाँ हम बात कर रहे है रोशनाबाद क्षेत्र की जहाँ अदालत से लेकर कलेक्ट्रेट भवन, कारागार, पुलिस लाइन, विकास भवन, जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अलावा कई प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय और आवास हैं। इतने संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी तरह की लापरवाही कभी भी भारी पड़ सकती है, उसका कारण है वहां जगह-जगह फैले वन गुजरो के डेरे जिनके बच्चे इस संवेदनशील क्षेत्र में दिनभर अपने पशुओं को चराने का बहाना करके घूमते पाये जाते हैं। 
कुछ वन गुज्जरों के लड़के आवासीय कॉलोनी की ऊंची सुरक्षा दीवारों पर खेलते कूदते देखे गए। जब सेक्टर मजिस्ट्रेट का वाहन उनके पास आया तो उन्होंने अपने उस क्षेत्र में घूमने का कारण पशुओं को चराना बताया। सेक्टर मजिस्ट्रेट भी उन्हें डांटकर निकल गये, जैसे मंसूरी से धनोल्टी रूठ पर कुछ जगह रास्तो में चेतावनी लिखी हुई है कि "सब्जी रेहड़ी आदि का इस क्षेत्र में घूमना सख्त मना हैं" उसी प्रकार इस क्षेत्र में भी वर्तमान हालात को देखते हुए जितने भी इस क्षेत्र में डेरे हैं उनके परिवारों की संख्या, परिवारों के सदस्यों की संख्या, फोटो, आधार कार्ड, आदि का रिकॉर्ड होना और समय समय पर उनकी जांच आवश्यक हैं। जितनी जल्दी हो सके इनके स्वास्थ्य की जांच भी जरूरी है। यदि सम्भव हो तो सुरक्षा कारणों को देखते हुए इनके डेरे अन्य स्थानों पर स्थान्तरित होने का प्रयास किये जायें। इस विषय मे सेक्टर मजिस्ट्रेट दिनकर गुप्ता ने कहा कि इस विषय मे प्रशासन के साथ मिलकर जल्दी ही आवश्यक कार्यवाही करेगे।
Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours