हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। कोविड 19 वैश्विक महामारी के चलते सेनानायक आई.आर.बी. द्वितीय, पुलिस अधीक्षक मंजूनाथ टी०सी रेलवे उत्तराखंड के निर्देशन और पथप्रदर्शन में आई.आर.बी द्वितीय के अधिकारियोंव कर्मचारियों ने अपने कर्तव्यों के अतिरिक्त अपना योगदान देते हुए भूखों को भोजन कराया गया। कोरोना महामारी को दृष्टिगत रखते हुवे राज्य में घोषित लॉकडाउन के चलते हरिद्वार शहर में फंसे हुवे यात्रियों, मजदूरों, बेघरों, बेसहारा के लिये भोजन तैयार कराया जा रहा है। यह भोजन वाहिनी में उप सेनानायक मनीषा जोशी के निकट पर्यवेक्षण में 24 मार्च से एक सामुदायिक किचन में तैयार किया जा रहा है। प्रथम चरण 24 मार्च से 1 अप्रेल तक इसका संचालन राजपत्रित अधिकारियों की स्वेच्छा से दी गई धनराशि द्वारा कराया गया। जिसमे प्रतिदिन 400 पैकेट शुद्ध एवं पोष्टिक भोजन गरीब, मजदूरों, बेसहारा, हरिद्वार में फंसे हुवे यात्रियों को बांटे गए। इस अवधि ने कुल 3600 पैकेट भोजन वितरण किया गया। 2 अप्रेल से लॉकडाउन बढ़ने पर सेनानायक मंजूनाथ टी.सी. और अधीनस्थ राजपत्रित अधिकारियों द्वारा व्यक्तिगत रुचि लेने पर इसे बडे स्तर पर बढ़ाया गया।
जिसमें हरिद्वार से एनजीओ जैसे बीएचईएल, रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम, भारत माता मंदिर, इंडियन मेडीकल एशोसिएशन, भारतीय स्टेट बैंक,  डेंटल एशोसिएशन, कुमार स्टोर से समन्वय किया गया। परिणामस्वरूप पैकेटों की संख्या बढ़कर 1400 होने से इसका लाभ हरिद्वार के रेलवे स्टेशन, ब्रहमपुरी क्षेत्र, बस स्टेंड, रोडिबेलवाला, पन्तद्विप पार्किंग के जरूरतमंदों को हुवा। शिविरपाल नरेश जखमोला ने बताया कि 24 मार्च से 25 अप्रेल तक लगभग 35000 तैयार पोष्टिक भोजन के पैकेट वितरण किये जा चुके हैं। इतने बड़े स्तर पर भोजन तैयार करने मे वाहिनी के समस्त राजपत्रित अधिकारियों एवं 25 कर्मिको को भोजन तैयार करने, सामग्री सम्पूर्ति, पैकिंग एवं भोजन वितरण हेतु टीम गठित की गई। कोरोना वायरस संक्रमण को दृष्टिगत रखते हुवे सानुदायिक किचन में भोजन तैयार करते समय टीम द्वारा पूर्ण सुरक्षा उपकरणों का उपयोग किया गया। यही ही नही भोजन वितरण करने वाली टीम द्वारा पीपीई किट का इस्तेमाल करने के साथ साथ सामाजिक दूरी का भी ध्यान रखा गया। शिविरपाल नरेश जखमोला ने बताया कि आवश्यकता पड़ने पर आई.आर.बी द्वितीय द्वारा भोजन वितरण की यह सेवा भविष्य में आगे भी जारी रखी जा सकती हैं।

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