हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। जीवन मे अँधेरा न हो तो उजाले का, दुःख न हो तो सुख का महत्व नही रहता। कोरोना महामारी से जहां एक ओर इतने लोग मारे जा रहे हैं तो कुछ कोरोना योद्धा बनकर सामने अपने जीवन की परवाह न करते हुवे मानव जगत की सेवा में तन, मन और धन से लगे हुवे हैं। कुछ एनजीओ जैसे कि ग्रामीण स्वास्थ्य सेवा ने सिडकुल क्षेत्र में कई दिनों तक लगातार जरूरतमंदों को भोजन कराकर पुण्य लाभ कमाया। संस्था के अध्यक्ष राकेश बंसल का कहना हैं कि हमारे ही समाज के डॉक्टर, पुलिसकर्मी, सफाईकर्मी यह जानकर भी अपने अपने कार्यक्षेत्र में डटे हुवे है कि देश के विभिन्न राज्यों में उनके ही क्षेत्र के कई डॉक्टर, पुलिसकर्मी, सफाईकर्मी अपने कर्तव्यों का निर्वाह करते हुवे कोरोना ग्रस्त हो गए है, तो कुछ ने अपना जीवन बलिदान भी कर दिया है। ऐसे वीर कोरोना योद्धाओं के लिये जितनी सेवा, ईश्वर से दुवाय कर ले कम ही होंगी। उन्होंने अपना आक्रोश प्रदर्शित करते हुवे कहा कि जो लोग अज्ञानतावश, अशिक्षित होकर किसी के बहकावे मे आकर कोरोना योद्धाओं से दुर्व्यवहार कर रहे हैं वो किसी भी दया के पात्र नही है। देश और राज्यो के शासकों को इस समय अपने वोट बैंक या राजनीति को करके उन्हें ऐसी सज़ा देनी चाहिए जिससे कोई सपने में भी ऐसा दुस्साहस न कर सके। संस्था के सचिव शिव सिंह ने कहा कि कोरोना योद्धाओ के भी परिवार है उनके भी बच्चे है। यदि वो अपने कर्तव्यपरायण में चाहते है कि आप घर मे रहकर इस कोरोना महामारी से बचे, डॉक्टर आपके जीवन की रक्षा करने हेतु सँघर्ष कर रहे है तो प्रत्येक भारतीयों को कोरोना योद्धाओं का साथ देना चाहिए। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस प्रकार समय पर लोकडाउन करके भारत देश मे कोरोना को फैलने से रोका है आज विश्व के अन्य देश नरेंद्र मोदी की प्रसंशा कर रहे है। प्रत्येक भारतीय फिर चाहे उसकी जाति औऱ धर्म कुछ भी हो उसे भारतीय होने पर गर्व होना चाहिए कि वो ऐसे देश का नागरिक हैं जहाँ की पुलिस, डॉक्टर, सफाई कर्मचारी, समाजसेवी, एनजीओ मानव जगत की सेवा में निरन्तर जूट हुवे हैं।



Post A Comment:
0 comments so far,add yours