हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। धार्मिक अनुष्ठानों से देश में नई ऊर्जा का संचार होता है। महायज्ञ में दी जाने वाली आहुतियों से समाज में छाया अज्ञान रूपी अंधकार दूर होता है। उक्त विचार भूपतवाला स्थित अन्नपूर्णा आश्रम में बाबा बंशी वाले महाराज ने श्रद्धालु भक्तों को संबोधित करते हुए व्यक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि धर्मनगरी हरिद्वार ऋषि मुनियों की तपस्थली है। संतो के सानिध्य में ही व्यक्ति का कल्याण संभव है। उन्होंने कहा कि गंगा तट पर और हरिद्वार की पवन धारा पर यज्ञ व कथा में सम्मिलित होने का अवसर सौभाग्यशाली व्यक्तियों को प्राप्त होता है। बाबा बंशी वाले अन्नपूर्णा आश्रम समिति की ओर से शतमुखी कोटि होमात्मक विष्णु महायज्ञ व श्री विष्णु महापुराण कथा का आयोजन बृहस्पतिवार से किया जा रहा है। पंचदीप मैदान में आयोजित किए जा रहे नौ दिनों तक चलने वाले विशेष धार्मिक आयोजन के लिए भव्य पंडाल बनाया जा रहा है। श्री दक्षिण काली पीठाधीश्वर म. म. स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज भक्तों को श्री विष्णु महापुराण कथा का रसपान कराएंगे। उक्त जानकारी देते हुए कथा के यजमान मदन मोहन शर्मी ने बताया कि बाबा बंशी वाले महाराज के सानिध्य में हरि की नगरी में गंगा तट पर आयोजित किए जा रहे शतमुखी कोटि होमात्मक महायज्ञ व श्री विष्णु महापुराण कथा में अनेक संत महापुरुषों का आशीर्वाद श्रद्धालुओं को प्राप्त होगा। यज्ञ व कथा में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होंगे। मदन मोहन शर्मा ने कहा कि बाबा बंशी तपस्वी संत हैं। उनके संयोजन में देशभर में गरीब, निसहायों की सहायता के लिए अन्न क्षेत्र चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाबा बंशी वालों के प्रेरणा से हजारों लोग समाज सेवा के क्षेत्र में अपना योगदान दे रहे हैं। श्री विष्णु महापुराण कथा का श्रवण करने से श्रद्धालु भक्तों को पुण्य लाभ के साथ-साथ परिवारों में सुख समृद्धि व संपन्नता का वास होता है। विकास शर्मा ने कहा कि विद्वान संत म. म. स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी महाराज श्रद्धालुओं को श्री विष्णु महापुराण कथा का श्रवण कराएंगे। म. म. स्वामी कैलाशानंद ब्रह्मचारी देश भर में सनातन परंपराओं को मजबूत करने में योगदान कर रहे हैं। उनके मुखारविन्द से श्री विष्णु महापुराण कथा श्रवण करने से अवश्य ही भक्तों को लाभ प्राप्त होगा। नो दिन तक चलने वाले आयोजन में अटूट भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संतो के सानिध्य में मां गंगा के तट पर आयोजित होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों में सम्मिलित होने से सहस्त्र गुणा पुण्य फल की प्राप्ति होती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में महायज्ञ कथा में सम्मिलित होने का अनुरोध भी किया है। इस दौरान शकुंतला देवी गोयल, सतीश गोयल, भूषण गोयल, निधि गोयल, भावना गोयल, सलोनी गोयल, समर्थ गोयल, राघव गोयल, श्र्लोक गोयल, कमलेश जिंदल, देवराज जिंदल, ममता जिंदल, पंकज जिंदल, विपिन सियाराम अग्रवाल, कृष्ण कुमार, सत्यपाल चौहान, अश्वनी गर्ग, पवन आदि उपस्थित रहे।



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