हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। लक्सर कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत गांव अलावलपुर के निकट बाणगंगा में तालाब खुदाई के नाम पर अवैध खनन का बड़ा खेल खेला जा रहा है, बाणगंगा में मछली पालन के लिए तालाब खुदाई की परमिशन प्रशासन द्वारा दी गई है, तालाब खुदाई में पोकलैंड और जेसीबी से निकाली जा रही खनन सामग्री ट्रैक्टर- ट्रालीओं के माध्यम से स्टोन क्रेशरो पर डाली जा रही है, खनन माफियो ने बेखौफ होकर 50 से अधिक ट्रैक्टर ट्राली खनिज सामग्री ढुलान में लगा रखे हैं, जबकि तालाब खुदाई के समय निकलने वाली खनिज सामग्री तालाब के किनारे लगाई जाती है, लेकिन इसके विपरीत खनन माफिया खनिज सामग्री को स्टोन क्रेशरो पर पहुंचाकर चांदी की चांदी काट रहे हैं, हालांकि क्षेत्र के ग्रामीणों का साफ कहना है कि बाणगंगा में तालाब खुदाई की आड में खनन का खेल खेला जा रहा है, जिसमें खनन माफियाओं और प्रशासन की मिलीभगत के चलते तलाब से निकलने वाला रेत और पत्थर स्टोन क्रेशरो पर पहुंचाया जा रहा है, और तालाब खुदाई का कार्य भी मानकों के विपरीत किया जा रही है, ग्रामीणों का कहना है कि तालाब खुदाई की परमिशन की आड में अवैध खनन के खेल को प्रशासन तत्काल रोके, और तलाब की पैमाइश आला अधिकारियों द्वारा कर दोषियों के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाए, जिससे अवैध खनन पर पूर्ण रूप से अंकुश लग सके।
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आपको बता दें कि बाणगंगा में रात दिन अवैध खनन का खेल खेला जाता है, जगह-जगह गहरे गहरे गड्ढे खनन माफियाओं द्वारा किए जा चुके हैं, प्रशासन की टीम भी क्षेत्र में आए दिन गस्त पर रहती है, लेकिन फिर भी खनन माफिया बेखौफ होकर अपने कार्य को अंजाम देकर चांदी ही चांदी काट रहे हैं, आखिर क्या वजह है जो सरकारी टीम गस्त पर होने के बाद भी अवैध खनन के कार्य को अंजाम दिया जा रहा है, इससे कहीं ना कहीं प्रशासन में बैठे अधिकारी, कर्मचारियों पर भी सवालिया निशान लग रहे हैं, बाणगंगा के क्षेत्र में कोई पट्टा ना होने के बाद भी स्टोन क्रेशरो पर कच्चे माल के स्टॉक लगे हैं और लगातार रेत, डस्ट, बजरी स्टोन क्रेशरो द्वारा सेल भी की जा रही है, आखिर रेत, डस्ट, बजरी की सेल के लिए कच्चा माल स्टोन क्रेशर मालिक कहां से ले रहे है, यह भी अपने आप में एक बड़ा सवाल है, वही रात दिन सड़कों पर खनिज सामग्री से भरे ओवरलोड वाहन देखे जा सकते हैं, इससे आशंका जताई जा सकती है कि खनन माफियाओं और प्रशासन की मिलीभगत के कारण ही अवैध खनन के खेल को लगातार अंजाम दिया जा रहा है, प्रशासन के अवैध खनन के विरुद्ध कार्रवाई के दावे खोखले नजर आ रहे हैं, प्रशासन में बैठे भ्रष्ट अधिकारी कर्मचारी केवल कागजों का पेट भरने के लिए इक्का-दुक्का कार्यवाही कर सुर्खियांं बटोरने का कार्य करते और अपने आला अधिकारियों की वाहवाही लूटते हैं, प्रशासन में बैठे आला अधिकारी को चाहिए कि अपने कर्तव्य के प्रति गंभीर होकर अपने अस्तर से खनन क्षेत्र में तैनात अधिकारी, कर्मचारियों की संपत्ति की जांच करें, जिससे भ्रष्ट अधिकारी, कर्मचारी सामने आ सके और उन पर सख्त से सख्त कार्रवाई अमल में लाई जा सके, जिससे जनता का पूर्ण विश्वास प्रशासन पर बना रहे।



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