हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मोहम्मद आरिफ) हरिद्वार। ब्रह्मलीन महंत दर्शन सिंह महाराज जी के कार्य, उनकी भावनाएं, संस्कृति व धर्म के प्रति योगदान सभी को सदा प्रेरणा देता रहेगा, उक्त उद्वार पंतजलि योगपीठ के महामंत्री आचार्य बालकृष्ण महाराज ने देवपुरा आश्रम में श्री पंचायती अखाड़ा निर्मला के अध्यक्ष श्री महंत ज्ञानदेव सिंह महाराज की अध्यक्षता में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए व्यक्त किए, उन्होंने कहा कि संत और तीर्थ में कोई भेद नहीं है संत के समागम व दर्शन का तत्काल फल प्राप्त होता है, ब्रह्मलीन महंत दर्शन सिंह के संसार से विदा होने से संत समाज को अपूर्णिय क्षति हुई है, उन्होंने कहा कि महंत गुरमीत सिंह ने अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत दर्शन सिंह महाराज के दिखाए मार्ग का अनुसरण करते हुए प्रखरता से आश्रम व सेवा प्रकल्पों का संचालन करें, गुरु के बताए मार्ग पर चलना और उनके सपनों को साकार करना ही योग शिष्य की पहचान है, श्री महेंद्र दुर्गादास महाराज, म.म. स्वामी रामेश्वरानंद सरस्वती महाराज, महंत नित्यशुद्धानंद व महंत विष्णुदास महाराज ने कहा कि संत परंपरा को आगे बढ़ाने में ब्रह्मलीन महंत दर्शन सिंह महाराज का अतुलनीय योगदान रहा है।
महंत दर्शनदास, महंत निर्मलदास, महंत रूपेंद्र प्रकाश व स्वामी प्रबोधानंद गिरि महाराज ने ब्रह्मलीन महंत दर्शन सिंह महाराज की भावभीन श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें महान संत बताया, स्वामी प्रेमानंद, स्वामी चिदविलासानंद, महंत साधनानंद, स्वामी ललितानंद गिरी महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत दर्शन सिंह महाराज त्याग व तपस्या की प्रतिमूर्ति थे, स्वामी रविदेव शास्त्री महाराज, संत जगजीत सिंह, स्वामी शिवानंद महाराज ने कहा कि ब्रह्मलीन महंत दर्शन सिंह महाराज के दिखाए मार्ग पर चलते हुए समाज सेवा में योगदान करने का संकल्प ही उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी, देवपुरा आश्रम के परमाध्यक्ष महंत गुरमीत सिंह महाराज ने सभी संत महापुरुषों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वह अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत दर्शन सिंह महाराज की शिक्षाओं का अनुसरण करते हुए उनके अधूरे कार्यों को पूरा करेंगे।




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