हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। बहादराबाद ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत मानुबास गांव में पीर बाबा फतेह मोहम्मद शाह के उर्स की तैयारी जोरों शोरों से चल रही है उर्स में दूर-दराज से आकर दुकानदार भी अपनी दुकानें सजाने लगे हैं छोटी रोशनी के साथ उर्स का आगाज शुक्रवार को हो जाएगा, वही ग्राम वासी अजरम का ग्राम प्रधान पर आरोप है कि उर्स की तैयारी को लेकर ग्राम प्रधान बिल्कुल भी गंभीर नहीं है, दरगाह परिषद के बराबर से निकलने वाले मेन रास्ते पर पानी और कीचड़ भरा हुआ है दरगाह के बराबर से निकलने वाले एक ओर रास्ते पर भी चेंबर नहीं डाला गया है चेंबर ना डालने से मुसाफिर कई बार चोटिल भी हो चुके हैं और अब उर्स मे जायरीनों की भारी भीड़ उमड़ेगी, ग्राम प्रधान की घोर लापरवाही उर्स में आने वाले जायरीनो पर भारी पड़ सकती है। आपको बतादे कि सरकार के गांव देहात में विकास के दावे धरातल पर नहीं है केवल सरकार के विकास के दावे फाइलों में ही सिमट कर रह गए हैं लगातार गांव देहातो में देखा जा रहा है कि टूटी फूटी सड़के, पेयजल और पानी निकासी की समस्या आदि आम बात है तो वही गांव देहात में गंदी के अंबार भी लगे हुए मिलते हैं  और कैसे स्वच्छता अभियान की धज्जियां प्रशासनिक अधिकारी, कर्मचारियों और ग्राम प्रधान द्वारा उड़ाई जा रही हैं ग्राम प्रधान भी अपने कर्तव्य के प्रति संवेदनशील नहीं है भोले भाले ग्राम वासियों को चुनाव के समय अपनी मीठी चुपड़ी बातों से लुभा कर उनके बहुमूल्य वोट हासिल तो कर लिये जाते हैं लेकिन जीत हासिल करने के बाद ग्राम वासियों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है जरूरतमंद लोग ग्राम प्रधान के घरों के चक्कर लगा लगा कर थक जाते हैं लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान गैर जिम्मेदार ग्राम प्रधान नहीं कर पाते हैं वह केवल अपने स्वार्थ में लिप्त होकर ग्राम समाज में आने वाले पैसे को ठिकाने सिर लगाने की नई नई योजनाएं बनाते रहते हैं इतना ही नहीं इनका भरपूर सहयोग विभागीय अधिकारी भी ईमानदारी के साथ  निभाते हैं भ्रष्टाचारी को ओर पंख लगाने के लिए विभागीय अधिकारी भी ग्राम समाज में लगने वाले सरकारी धन का बंदरबांट करते हैं। हालांकि लगातार गांव देहात की जनता भ्रष्टाचारी के खिलाफ आवाज उठाती रहती है लेकिन भ्रष्टाचारी में शासन, प्रशासन की लिफ्टता जनता की आवाज को दबा देती है जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भ्रष्टाचार मुक्त देश के सपने को प्रशासन में बैठे अधिकारी कर्मचारी पतीला लगा रहे हैं उससे साफ जाहिर होता है कि कहीं ना कहीं सरकार की नाकामी है जो भ्रष्ट अधिकारियों, कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों पर सख्त कार्रवाई अमल में नहीं लाते है। अन्यथा जनता की आवाज को सरकार गंभीर होकर सुने और भ्रष्टाचारी में लिफ्ट लोगो के विरुद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई करें, जिससे जनता का विश्वास शासन प्रशासन पर पूर्ण रूप से बना रहे।
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