हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। पिथौरागढ़ के युवाओ को विश्व स्तर की शिक्षा देने हेतु नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ़ एजुकेशनल टेक्नोलॉजी, बेरीनाग के डायरेक्टर भरत सिंह कार्की ने आगरा से आकर पिथौरागढ़ के बेरीनाग शहर में स्थानीय युवाओ के उज्ज्वल भविष्य हेतु कंप्यूटर संस्थान खोला। कंप्यूटर क्षेत्र में पी.जी.डी.सी.पी कम्प्यूटर साइंस में (एम. एस सी), एम.सी.ए उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद इंग्लिश मीडियम जैसे सी.बी.एस.सी.आई, सी.एस.ई, आई.एस.सी इंजीनियरिंग कॉलेज  जैसे शिक्षण संस्थानों में शिक्षक के रूप में अपनी सेवा दे चुके हैं। इससे पूर्व आगरा में कंप्यूटर सेंटर चलाने के अलावा कंप्यूटर हार्डवेयर इंजीनियर के रूप में भी कार्य किया। इस तरह से बी.एस कार्की को कंप्यूटर क्षेत्र में 22 साल का लम्बा अनुभव है। इनका शुरू से ही सपना था कि अपने क्षेत्र के पढ़े लिखे युवाओ को स्कूली शिक्षा लेने के साथ साथ विश्व स्तर की कंप्यूटर शिक्षा भी दी जाये। जिसके लिये उन्होंने गत वर्ष आगरा छोड़ पिथौरागढ़ आकर बेरीनाग में एक बड़ा स्मार्ट कंप्यूटर संस्थान खोला। जिसे हाल ही में सफलता पुर्वक 13 महीने हुवे किये है। इन तेरह महीने में क्षेत्र के काफी युवाओ ने इनके कंप्यूटर संस्थान में प्रवेश लेकर विश्व स्तर की कंप्यूटर शिक्षा ले रहे हैं। इनके शिक्षण संस्थान में ऑन लाइन परीक्षा कराने की प्रक्रिया भी जारी है। आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को प्रधानमंत्री ग्रामीण डिजिटल साक्षरता अभियान और  सी.एस.सी. अकादमी के तहत मुफ्त कंप्यूटर शिक्षा भी दी जाती हैं। व्यक्तित्व विकास हेतु पर्सनालिटी डेवलपमेंट, स्पोकन इंग्लिश और करियर काउन्सलिंग भी दी जाती है ताकि कंप्यूटर कोर्स पूरा करने के पश्चात उनकी जॉब के लिये मल्टीनेशनल कंपनी में इंटरव्यू कराते समय युवाओ को कोई समस्या न आये। बी. एस कार्की ने बताया कि जब तक समाज और देश का युवा बेसिक शिक्षा के अलावा पर्सनालिटी डेवलपमेंट, अंग्रेजी भाषा औऱ कंप्यूटर फील्ड में दक्ष नही हो जाता हैं उसकी शिक्षा आज के डिजिटल समय में अधूरी ही मानी जाती है। क्योकि आज कंप्यूटर का और डिजिटल का जमाना है। देश से बेरोजगारी हटाने के लिये प्रत्येक छात्र को  कंप्यूटर शिक्षा, टेक्निकल एजुकेशन लेनी आवश्यक है तभी देश का युवा भविष्य में आत्मनिर्भर बन सकेगा।
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