हरिद्वार की गूंज (24*7)
(अब्दुल सत्तार) हरिद्वार। 02 अक्टूबर 1994 को रामपुर तिराहा मुजफ्फरनगर कांड की बरसी पर आक्रोशित राज्य आंदोलनकारियों ने तत्कालीन मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव को कांड का दोषी मानते हुए चिन्हित राज्य आंदोलनकारी समिति रजिस्टर्ड के केंद्रीय अध्यक्ष जे०पी० पांडे के नेतृत्व में उनके पुतले की भगत सिंह चौक से प्रेम नगर आश्रम पुल तक उनकी शव यात्रा निकालकर प्रेम नगर आश्रम के पुल पर उनका पुतला फूंका प्रेम नगर आश्रम के घाट पर रामपुर तिराहा मुजफ्फरनगर कांड के शहीदों को 101 दीपदान कर श्रद्धांजलि दी काले फीते बांधकर महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती को काला दिवस के रूप में मनाया राज्य आंदोलन कारियों ने 25 सालों से अभी तक दोषियों को सजा ना मिलने पर केंद्र सरकार एवं राज्य बनने के बाद अब तक के हुक्मरानों के विरुद्ध प्रदर्शन किया तथा शर्म करो शर्म करो के नारे लगाए राज्य आंदोलनकारियों ने महात्मा गांधी एम० लाल बहादुर शास्त्री को भी प्रेम नगर आश्रम के घाट पर श्रद्धांजलि दी इस अवसर पर सतीश जैन की अध्यक्षता एवं जगमोहन सिंह नेगी के संचालन की सभा में चिन्हित राज्य आंदो लनकारी समिति रजिस्टर्ड के केंद्रीय अध्यक्ष जे०पी० पांडे ने कहा कि आज राज्य निर्माण के 19 साल प्रसाद भी अभी तक केंद्र एवं राज्य की सरकारों ने रामपुर तिराहा मुजफ्फरनगर कांड के दोषियों को सजा नहीं दिलाई जो की बड़ी शर्म की बात है, जे०पी०पांडे ने कहा कि 02 अक्टूबर 1994 के दिन को कभी भुलाया नहीं जा सकता जे०पी० पांडे ने कहा कि महिलाओं की अस्मिता के साथ खिलवाड़ एवं नरसंहार किया उत्तराखंड में कर्फ्यू जैसे हालात आज भी दिमाग में घूमते रहते हैं संकल्प लिया कि जब तक दोषियों को सजा नहीं मिल जाती आंदोलन जारी रहेगा राज्य आंदोलनकारियों ने 101 दीप दान कर खटीमा मंसूरी एवं रामपुर जिला मुजफ्फरनगर कांड के शहीदों को श्रद्धांजलि दी श्रद्धांजलि देने वालों में जे०पी० पांडे, सतीश जैन, मोहर सिंह राणा कमला नेगी, धर्मपाल भारती, गिरीश भट्ट, रोहित प्रताप सिंह, जगमोहन सिंह नेगी, कमला धौंडियाल, कांति बड़ा कोटी, बसंती पटवाल, आर एस नेगी, भीमसेन रावत, आनंद सिंह नेगी, गया प्रसाद कुकरेती परमानंद बलोदी, बबलू थपलियाल, कन्हैया झा, हेमराज सैनी कामरेड, भगवान जोशी, राजेश गुप्ता, महेश गौड़, गीता देवी, केशव देव सेमवाल, बसंती पटवाल, विमला देवी, सुमन चौहान, देवी बुद्धा, उमा देवी, महेश्वरी बिष्ट, साधना नवानी, शमशेर खान, जयप्रकाश माल कोटी, रामदेव मौर्य, बबली जुयाल, अब्दुल सत्तार, शहीद हसन, राधा बिष्ट, मुनेंद्र सैनी, सुरेंद्र सैनी, कामरेड,रामप्रसाद जगमुला आदि प्रमुख रूप से थे।
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