हरिद्वार की गूंज (24*7)
(गगन शर्मा) हरिद्वार। भैयादूज का त्यौहार भाई बहन के रिश्ते को मजबूत करता है, इसमें बहने अपने भाई को टीका करके और मिठाई खिलाकर गोला देती हैं। भाई भी अपनी खुशी से उपहार स्वरुप कुछ न कुछ देता है। कई कारणों से भी यह बहनों के लिए यह एक महत्वपूर्ण त्योहार है। हरिद्वार की ट्विंकल तनेजा ने अपने भाई गौतम तनेजा को टीका लगाकर और मुंह मीठा कर यह त्यौहार मनाया। इस पावन पर्व पर हर साल बहनें अपने भाइयों के माथे पर तिलक लगाकर उनके हाथ पर कलावा बांधती है। साथ ही यम देवता से अपने भाई की लंबी उम्र के लिए कामना करती है। साल भर बहनों को जिस पावन पर्व का इंतजार रहता है ये वही पर्व है। इस पर्व के लिए दो-तीन दिन पहले से ही भाई बहनों ने तैयारी करनी शुरू कर देती हैं। बहनों ने पूजा के लिए ड्राईफ्रूट, मिठाई और सूखे नारियल के गोले की खरीददारी करती है। वहीं भाइयों ने भी अपनी बहनों को सरप्राइज देने के लिए गिफ्ट आइटम, मोबाइल आदि खरीदते है, मान्यताओं के अनुसार भाई दूज का त्योहार मृत्यु के देवता यमराज और उनकी बहन यमुना से जुड़ा है। यमराज हर वर्ष कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि को अपनी बहन यमुना से मिलने उनके घर आते हैं। वह उनकों तिलक लगाकर भोजन करवाती है। यमुना ने यमराज से वरदान मांगा था कि वह हर वर्ष इस तिथि को अपनी बहन के घर आएंगे। इसी तरह जो भाई इस तिथि को अपनी बहन के घर जाएगा, तिलक लगवाएगा और भोजन करेगा उसको मृत्यु का भय नहीं रहता है, क्योकि यमराज ने अपनी बहन को वरदान दिया था, तब से हर वर्ष भैयादूज का त्योहार मनाया जाता है।
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