हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के पर्यटन विभाग ने पर्यटन के क्षेत्र में युवाओं का आकर्षित करने के साथ ही अनेक आयामों को जोड़ने का सार्थक पहल किया है। इसके अंतर्गत प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या के नेतृत्व में युवाओं को रोजगार के अनेक अवसर पर प्रदान के साथ स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। इसी क्रम में विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर केन्द्रीय पर्यटन मंत्रालय द्वारा विज्ञान भवन, दिल्ली में आयेाजित एक कार्यक्रम में देसंविवि को प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया। यह पत्र देसंविवि के प्रतिनिधि के रूप में गये पर्यटन विभाग के छात्र वैभव मकवाना ने प्राप्त किया। विवि के पर्यटन विभाग के बताया कि विगत 15 वर्ष के बाद डब्ल्यूटीओ (वर्ल्ड ट्रेड आर्गेनाइजेशन) ने विश्व पर्यटन दिवस कार्यक्रम के लिए भारत को चुना था। जिसमें मान. उपराष्ट्रपति श्री वेंकया नायडू, डब्ल्यूटीओ के सेक्रेटरी जनरल मि. जुराव, उत्तराखण्ड सहित अनेक राज्यों के पर्यटन मंत्रियों के अलावा देश-विदेश के होटल उद्योग, पर्यटन उद्योग, ट्रेवल उद्योग, इवेंट उद्योग इत्यादि के नामचीन हस्तियों एवं शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल रहे। उन्होंने बताया कि दिल्ली में आयोजित इस कार्यक्रम में उत्तराखण्ड के गढ़वाल मण्डल के एकमात्र शैक्षिक संस्थान देवसंस्कृति विश्वविद्यालय की उपलब्धियाँ एवं संचालित हो रहे कार्यक्रमों को सर्वश्रेष्ठ मानते हुए विशेष प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया। कार्यक्रम से लौटने पर पर्यटन विभाग के प्रतिनिधियों ने प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या से भेंटकर अपने अनुभवों को साझा किया। इस अवसर पर पर्यटन विभागाध्यक्ष डॉ. अरुणेश पाराशर, डॉ. उमाकांत इंदौलिया, वैभव मकवाना आदि मौजूद रहे।



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