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(निशात कुरैशी) देवबन्द। मोहन भागवत के बयान का देवबन्दी आलीम  ने पहली बार स्वागत किया है और कहा है कि मोहन भागवत का जो बयान आया है कि मॉब लिचिंग की घटनाओं में अगर कोई R S S का कार्यकर्ता पाया जाता है तो वह संघ से निष्कासित हो जाएगा हम उनके इस बयान का स्वागत करते हैं और मांग करते हैं कि इस पर सख्त से सख्त कानून बनना चाहिए जिससे माँब लिचिंग की घटनाओं पर रोक लगे ओर सूबे के अच्छे हालात हो,
           देखें वीडियो: मुफ्ती असद कासमी
देवबन्दी आलीम मुफ्ती असद कासमी  ने कहा की पहली बार मोहन भागवत जी ने इस तरीके से बयान दिया है कि जिस तरीके से आपने देखा होगा कि देश के अंदर मॉब लिंचिंग का जो जिस तरीके से असर हो रहा है और बेगुनाह को जो है एक भीड़ इकट्ठी हो जाती है और उसको शहीद कर दिया जाता है उसको जान से मार दिया जाता है तो उसके बारे में मोहन भागवत जी ने पहली बार यह बयान जारी किया है कि आर एस एस का कोई भी शख्स अगर उसके अंदर शामिल पाया जाता है तो उसे सदस्यता उसकी खत्म कर दी जाएगी तो इसकी दारुल उलूम देवबंद के जो हमारे मोहतमिम है मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने इस बयान का समर्थन किया है यह बड़ा ही अच्छा बयान है और इस तरीके से होना भी चाहिए लेकिन इसके साथ-साथ मोहतमिम साहब ने यह भी कहा है कि जो मॉब लिंचिंग करते हैं यह बेगुनाह को मारते हैं उनके खिलाफ सरकार कानून बनाएं और कानून बनाने के बाद ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए इसका दारुल उलूम ने समर्थन किया है।
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