हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। पितृ पक्ष का आज आखिरी दिन है, यानी कि इस दिन श्राद्ध खत्म हो जायेंगे, श्राद्ध पक्ष का ये आखिरी दिन काफी महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि इस दिन भूल चूक या किसी कारण छूटे हुए श्राद्ध एक साथ कर दिये जाते है, हिन्दु समुदाय मे यह माना जाता है, कि पितृ मोक्ष अमावस्या पर श्राद्ध करने से सभी पूर्वजों की आत्मा को शांति मिल जाती है, पितृ पक्ष 2019 का आज आखिरी दिन यानी सर्व पितृपक्ष अमावस्या है,
इस अमावस्या को मोक्ष अमावस्या भी कहते है, वैसे तो पितृ पक्ष में कहीं भी श्राद्ध किया जा सकता है, लेकिन धर्मनगरी हरिद्वार के नारायणी शिला पर तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है, पुराणों में भी ऐसा उल्लेख मिलता है, हिन्दू समाज में मान्यता है कि पितृपक्ष में 16 दिन तक पितृ पृथ्वी पर आते हैं, इसलिए इन दिनों में लोगों को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए, जिससे पितृगण नाराज हों, हरिद्वार के मायापुर स्थित देवपुरा में स्थापित प्राचीन नारायणी शिला मंदिर में आज सुबह 3 बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी, पुलिस प्रशासन ने पहले से ही पुख्ता इंतेजाम कर रखे है,
इस अमावस्या को मोक्ष अमावस्या भी कहते है, वैसे तो पितृ पक्ष में कहीं भी श्राद्ध किया जा सकता है, लेकिन धर्मनगरी हरिद्वार के नारायणी शिला पर तर्पण करने से पितरों को मोक्ष की प्राप्ति होती है, पुराणों में भी ऐसा उल्लेख मिलता है, हिन्दू समाज में मान्यता है कि पितृपक्ष में 16 दिन तक पितृ पृथ्वी पर आते हैं, इसलिए इन दिनों में लोगों को ऐसा कोई कार्य नहीं करना चाहिए, जिससे पितृगण नाराज हों, हरिद्वार के मायापुर स्थित देवपुरा में स्थापित प्राचीन नारायणी शिला मंदिर में आज सुबह 3 बजे से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी, पुलिस प्रशासन ने पहले से ही पुख्ता इंतेजाम कर रखे है,
जिससे स्थानीय लोगो व श्रद्धालुओं को परेशानी का सामना ना करना पड़े, और जब इस बारे में बुलंद हौसला बेबाक राय रखने वाले उत्तराखंड पुलिस के जवान तथा मायापुर चौकी प्रभारी विक्रम धामी से बात की गई तो उन्होंने बताया कि आज सुबह 3 बजे से ही लोगो तथा श्रद्धालुओं ने आना शुरू कर दिया था, जिसके चलते बड़े वाहनों को शंकराचार्य चौक व देवपुरा चौक पर ही रोक दिया गया, ताकि आने जाने वाले स्थानीय लोगो तथा श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े, तथा अपनो पितृ के धरती पर आने वाले आखरी दिन पूजा करके पित्रो की आत्मा को खुशी व शान्ति प्राप्त हो।





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