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(रजत चौहान) देहरादून। ओप्रेशन मुक्ति अभियान के तहत उत्तराखंड पुलिस मे महिला उपनिरीक्षक के पद पर तैनात विनिता चौहान देहरादून के प्रसिद्ध क्षेत्र घंटाघर पर थी, तो विनिता चौहान ने देखा एक छोटा बच्चा गुब्बारे बेच रहा था, विनिता चौहान द्वारा बच्चे से उसका नाम पूछा गया तो उस बच्चे ने अपना नाम लक्की बताया उपनिरीक्षक विनिता चौहान द्वारा बच्चे को उसके घर लेकर गये, तो लक्की के घर पर उसके पिता नहीं थे, उसकी माता जी लोगों के घरों में साफ सफाई का कार्य करके अपने बच्चों का पालन पोषण करती कर रही है, लक्की का एक बड़ा भाई जिसका नाम राजू है, जो नेत्र हीन है, घर पर ही रहता है, विनिता चौहान द्वारा राजू से बात चीत करने पर पता चला कि राजू की पढ़ने में काफी रूचि रखता है, तो तुरन्त उपनिरीक्षक विनिता चौहान ने राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांजगन सशक्तिकरण संस्थान की प्रधानाध्यापिका श्रीमती गीतिका माथुर से राजू की पढ़ाई को लेकर दाखिले के सम्बन्ध में बात की गरी, जिसमें राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांजगन सशक्तिकरण संस्थान की प्रधानाध्यापिका श्रीमती गीतिका ने राजू की जांच करके कक्षा-२ में दाखिला कर लिया जुलाई माह से राजू राष्ट्रीय दृष्टि दिव्यांजगन सशक्तिकरण संस्थान के होस्टल में रहेगा, जहां पर होस्टल में राजू का खाना रहना बिल्कुल नि: शुल्क रहेगा, राजू की स्कूल में जांच से पहले उपनिरीक्षक विनिता चौहान द्वारा १० तक गिनती और फल और सब्जियों के नाम आदि याद कराते गये थे, वास्तव में उत्तराखंड पुलिस में तैनात उपनिरीक्षक विनिता चौहान द्वारा मानवता का परिचय दिया गया, और पुलिस विभाग द्वारा चलाते ग्रे अभियान के तहत कर्त्तव्य निष्ठा का परिचय देकर समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन किया गया।
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