हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) हरिद्वार। जिलाधिकारी हरिद्वार श्री दीपक रावत ने पशु क्रूरता निवाण संबंधी बैठक कलेक्ट्रेट सभागार रोशनाबाद में ली, बैठक में सचिव एस०पी०सी०ए०, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी हरिद्वार द्वारा अवगत कराया गया कि पूर्व में गठित प्रबंध समिति का कार्यकाल पूर्ण होने पर जिलाधिकारी हरिद्वार की अध्यक्षता में नई प्रबंध समिति गठित करने चुनाव हेतु प्रस्ताव पर अगले कार्यकाल (03 वर्ष) हेतु सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर दिया गया, जनपदीय पशु क्रूरता निवारण समिति की आहूत बैठक में चयनित गैर सरकारी उपाध्यक्ष/सचिव/चार गैर सरकारी सदस्यों में श्री अश्वनी शर्मा को गैर सरकारी उपाध्यक्ष, श्री कुलदीप सूर्यवंशी गैर सरकारी सचिव तथा श्री संजय गुप्ता, श्री कुलदीप कुमार, श्री विरेन्द्र सिंह एवं डाॅ० पुनीता वाजपेयी को गैर सरकारी सदस्य नामित किया गया। पशुओं को खुले में छोड़ने पर 133 टोल फ्री नम्बर पर इसकी सूचना दी जा सकती है तथा इस सम्बन्ध में सीआरपीसी में वाद दायर करने के निर्देश दिये। पशुओं को खुले में छोड़ने वालों के चालान करने के निर्देश दिये। आवारा पशुओं को शेल्टर हाउस से छुड़ाने पर रूपये 1000 दण्ड का प्रावधान है।सड़कों पर आवारा पशुओं के घूमने से होने वाली दुर्धटना को रोकने तथा तीर्थ नगरी आये यात्रियों पर इसकी नकारात्मक छाप न पड़े इसके लिए जिलाधिकारी ने नगर निगम हरिद्वार एवं रूड़की को निर्देश दिये कि कांवड़ मेला तक सभी आवारा पशुओं की 15 दिनों तक अभियान चलाकर शैल्टर हाउस तक पहुंचाया जाए। नगर आयुक्त रूड़की से पूर्व में चिन्हित कांजी हाउस की भूमि पर कब्जे पर अपनी रिपोर्ट देने के लिए निर्देशित किया। यदि कब्जा है तो कितने क्षेत्र में है।जिलाधिकारी ने किसी पशु पालक द्वारा अपने पालतू जानवर को सार्वजनिक स्थान, मौहल्ले, बस्तियों में आवारा छोड़ने तथा शौच आदि गंदगी फैलाने पर सभी अधिकृत अधिकारियों को एन्टी लिटरिंग एक्ट के अंतर्गत चालान काटने के निर्देश दिये।पशु क्रूरता निवारण समिति के सदस्यों ने जिला अधिकारी द्वारा पशु चिकित्सा हेतु एम्बुलेंस की व्यवस्था कराये जाने पर जिलाधिकारी का आभार व्यक्त तथा समिति के सभी सदस्यों ने एकमत होकर घायल अवस्था में मिलने वाले पशुओं को रेस्क्यू करने के लिए एम्बूलेंस वाहन जिसमें घायल पशुओं को उठाने एवं संरक्षित स्थान तक पहुंचाने की पर्याप्त व्यवस्था हो, घायल पशुओं को तत्काल चिकित्सा उपलब्ध करायी जा सके। समिति के सदस्य ठाकुर मनोज कुमार ने नगर में कांजी हाउस पूर्व की तरह संचालित किये जाने व आवारा पशुओं को पकड़कर कांजी हाउस में रखे जाने का प्रस्ताव तथा आवारा बंदरों का आतंक कम करने हेतु बंदर पकड़ने का सुझाव दिया। समिति सदस्य अश्वनी शर्मा द्वारा प्रस्ताव रखा गया कि प्रशासन के सहयोग से कुछ नये पशु शरणालय की स्थापना का सुझाव दिया।
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