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(निशात कुरैशी) देवबन्द। जमीयत उलेमा ए  हिन्द कानपुर के अध्यक्ष की तरफ से जारी हुए   ऐलान  कि  शहरी के वक्त जो हजरात माइक के ऊपर रिकॉर्डिंग लगा देते हैं जिससे लोगों को तकलीफ का सामना करना पड़ता है जैसा कि बीमार बुजर्गों  ओर दूसरी बिरादरी के लोग हैं 
        देखें वीडियो: मुफ्ती असद कासमी
उनकी नींद के अंदर खलल पड़ती है उसी को देखते हुए उन्होंने उलेमा से यह ऐलान किया है कि जो शहरी के समय एक दो बार बोलकर बता दिया जाए इतना ही काफी है, देवबन्दी आलीम मुफ्ती अशद कासमी इत्तेहाद उलेमा हिंद जमीयत उलेमा हिंद के इस ऐलान का पूरा पूरा समर्थन करते हैं  मैं आप लोगों को मीडिया के माध्यम से यह भी बता देना चाहता हूं कि हमारे तंजीम इत्तेहाद उलेमा ए हिंद ने आज से 1 हफ्ते पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस करके और अपने तमाम ही सभी को बुलाकर लेटर जारी कर दिया है और तमाम ही हिंदुस्तान कि मस्जिदों के उलेमाओं के पास जा कर यह बताने की कोशिश की है कि कोई भी माइक के ऊपर रिकॉर्डिंग ना लगाए सिर्फ एक दो मर्तबा बोलकर बता दे इतना ही काफी है क्योंकि जैसा कि आप देख रहे हैं इस वक्त मुल्क के हालात क्या है आज मुसलमानों को टारगेट और निशाना बनाया जा रहा है कभी जो है अजान के नाम पर टारगेट किया जाता है कभी तलाक के नाम पर कभी हलाला के नाम पर टारगेट किया जाता है कभी बुर्के के नाम पर किया जाता है तो इन तमाम चीजों को देखते हुए इत्तेहाद उलेमा ए हिन्द ने फैसला लिया है कि इस पाक और मुबारक महीने के अंदर कोई ऐसा वाक्या पेश ना आए ताकि फिरका प्रस्तो को कोई मौका न मिले और जो है हिंदुस्तान की गंगा जमुनी तहजीब को बर्बाद कर दे क्योंकि हम और तमाम ही मुसलमान इस्लाम मजहब यही सिखाता है कि इस हिंदुस्तान के अंदर मिल जुल कर रहो आपस में प्यार मोहब्बत के साथ रहो अमन चैन के साथ रहो इस्लामी यही कहता है कि जिस मुल्क में रहते हो उस मुल्क का सम्मान करो उस मुल्क के अंदर रहने वालो का सम्मान करो तो जो जमीयत उलेमा ए हिंद ने जो यह कदम उठाया है हम उसका भरपूर समर्थन करते हैं।

बाईट :-  मोहतमिम मदरसा शैखुल हिंद
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