हरिद्वार की गूंज (24*7)
(रजत चौहान) देहरादून। दिनाँक 12 मई 2019 को थाना कोतवाली नगर पर एक महिला श्रीमती शांति बिष्ट पत्नी स्व0 केशर सिंह बिष्ट नि0 19 हरिद्वार रोड, कोतवाली नगर, देहरादून द्वारा लिखित सूचना दी कि कुछ दिन पहले हरिद्वार रोड ईजी डे के पास इनको एक लड़की मिली उसने कहा कि उसे हरिद्वार जाना है,
                देखें वीडियो: क्या कहा 
            उप निरीक्षक अशोक राठौड़ ने
रास्ता किधर से है, तभी दो औरते वहा आयी, उन औरतो ने तीन नोट 500-500 के निकले और इनको कहा कि ये नकली नोट तो नही है, बोला कि अम्मा नकली भी होते हैं, और कहा कि इस लड़की के पास बहुत पैसे है, ये पैसा यह अपने मालिक के यहां से लाई है, और इस प्रकार लालच देकर बातों में लगाकर मेरी सोने की गले की चैन के दोगुने तिगुने दाम देना कहकर गले की चैन उतरवाकर एक काले कपड़े में सिले हुए नोटो की गद्दी देकर कहा कि इसे आप घर जाकर खोलना, और मेरी चैन ले गयी जिसकी कीमत 48000 रुपये थी, इस सूचना पर थाना कोतवाली नगर पर उचित धाराओ में अभियोग पंजीकृत किया गया, तथा उक्त घटना के संबंध में उच्चाधिकारीगनो को अवगत कराया गया, चूंकि उक्त घटना को एक बुजुर्ग महिला के साथ तीन महिलाओं द्वारा अंजाम दिया गया जिसको श्रीमान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदया द्वारा गंभीरता से लेते हुए घटना के सीघ्र अनावरण हेतु  पुलिस अधीक्षक नगर, महोदया व co सिटी महोदय के पर्यवेक्षण व प्रभारी निरीक्षक के निर्देशन तथा व0उप0 निरीक्षक के नेतृत्व में थाना स्तर पर एक टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा पीड़ित महिला से सम्पूर्ण घटना क्रम के बारे में विस्तृत पूछताछ की गई तथा उक्त महिलाओं के हुलिया की भी जानकारी ली गयी तथा घटना स्थल के आस पास के सीसीटीवी भी चेक किये गए, सीसीटीवी से एक संदिग्ध गाड़ी स्विफ्ट डिजायर कार प्रकाश में आई, तथा साथ ही उक्त प्रकार की मोडस ऑपरेंडी के क्राइम से संबंधित पूर्व अपराधियो के संबंध में जानकारी की गई तो पाया कि इस प्रकार के अपराधी दिल्ली में रघुवीर नगर व सुल्तान पूरी में रहते हैं, तथा यह मूल रूप से गुजरात व राजस्थान के रहने वाले हैं, इनकी औरते भी इस प्रकार की ठगी करती है, पुलिस सूत्रों को सीसीटीवी से प्राप्त फ़ोटो व गाड़ी की फ़ोटो प्रषित कर जानकारी की गई, जिस पर जानकारी मिली कि उक्त प्रकार से वर्तमान में आरती उर्फ अन्नू उर्फ डिंगला नाम की महिला अन्य महिलाओं व पुरुषों के साथ गैंग बनाकर गाड़ी में जगह जगह घूमकर इस प्रकार की ठगी को अंजाम दे रही हैं, तथा डिंगला दिल्ली से भी फरार चल रही है, इस सूचना पर पुलिस टीम दिल्ली पहुची यह जानकारी मिली कि डिंगला वर्तमान में अपने घर सुल्तानपुरी में निवास नही कर रही है, इनकी तलाश में दिल्ली में संभावित स्थानों पर दबिश दी गयी किंतु कोई सफलता नही मिली। आज दिनाँक 15 मई 2019 को जरिये पुलिस सूत्र सूचना मिली कि उक्त गैंग घटना के लिए उत्तराखंड की और निकल गया है, इस सूचना पर उक्त गाड़ी व महिलाओं की तलाश हेतु अलग अलग टीम बनाकर इनकी चैकिंग की गई, चैकिंग के दौरान उक्त गाड़ी को मुख्य सरगना महिला डिंगला सहित अन्य दो महिलाओं व दो पुरुषों को त्यागी रोड से रेलवे स्टेशन को आने वाली सड़क पर गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई। उक्त महिलाओं में एक नवालिक महिला भी हैं। उक्त सभी को संबंधित मान0न्यायालय पेश कर जिला कराकर तथा नवालिक को बाल सुधार गृह हरिद्वार भेजा गया है।

नाम पता अभियुक्त गण
1. आरती उर्फ अन्नू उर्फ डिंगला पत्नी दीपक नि0 296/97 d block सुल्तानपुरी, न्यू दिल्ली। उम्र 27 वर्ष। (मुख्य सरगना)
2. किरण पत्नी श्याम नि0 उपरोक्त उम्र 23 वर्ष।
3. एक महिला नवालिक उम्र करीब 17 वर्ष।
4. करण सांखला पुत्र क्रांति सांखला नि0 ग्राम सरदना जिला अजमेर राजिस्थान। उम्र 24 वर्ष।
5. राजकुमार गोला पुत्र चुन्नी लाल नि0 222 प्रकाश नगर तहसील कैम्प, पानीपत, हरियाणा। उम्र 38 वर्ष। (गाड़ी मालिक व drivar)

बरामदगी का विवरण
1. सोने की चैन (कीमत करीब 48000 रुपये) संबंधित मु0अ0स0 171/19 धारा 420, 120 B ipc
2. काले कपड़े में लिपटी व सिली हुई नोट नुमा नकली कागज की गड्डियां
3. 3500 रुपये नगद (घटनाओं से प्राप्त सोने को बेचने से प्राप्त)
4. एक कार स्विफ्ट डिजायर no HR 99/ACS/TP/6556 ( घटना में प्रयुक्त)
5. 5 मोबाइल फ़ोन।

पूछताछ पर मुख्य अभियुकता ने बताया कि यह मूल रूप से राजिस्थान की रहने वाली है, कुछ साल पहले ये अपने पति के साथ दिल्ली आ गयी थी यहां अलग अलग जगह निवास करते रहे, इसका पति वर्तमान में थाना रोहिणी से धारा 307 ipc के अपराध में तिहाड़ जेल में बंद है, सुल्तान पूरी में रहते हुए यह कुछ गुजराती लोगो के संपर्क में आई और उनके साथ इस प्रकार की ठगी में जाने लगी, किंतु वह इसको पूरा हिस्सा नही देते थे तो इसने जब काम पूरी तरह से सिख लिया तो अपना ही गैंग बना लिया इसमें इसने अपनी छोटी बहन किरण व मुह बोलेभाई करन को राजस्थान से बुलाकर आसपास के शहरों में घटना को अंजाम देने लगे, एक दिन इसकी परिचित चुन्नी देवी को यह हॉस्पिटल में देखने गयी तो वहां पर इसकी नाती (नवालिक लड़की) मिली उसको 20000 रुपये उसकी नानी के इलाज के लिए दिए और साथ मे काम करने के लिए कहा तो वह राज़ी हो गयी, उसके बाद यह छोटी लड़की को ही किसी बुजुर्ग महिला के पास केवल कोई भी पता पूछने के लिए भेजते और तभी यह दोनों महिलाएं भी वह पहुच जाती और बुजुर्ग महिला को अपनी बातों में उलझकर लड़की के पास बहुत पैसा होना बताती और कहती कि इस लड़की से कोई भी पैसा ले लेगा आप अपनी कोई भी चीज दे दो हम उसका दोगुना या तिगुना दाम दिलवा देंगे इस प्रकार बुजुर्ग महिला को अपने झांसे में लेकर उसके साथ नकली नोटो की गड्डी देकर धोखाधड़ी कर लेते हैं। इनका टारगेट सिर्फ बुजुर्ग महिला ही होती थी, इस बारे में इनका मानना है कि बुजुर्ग लोग भरोषा जल्दी कर लेते हैं, इसलिए उनको बेबकुफ़ बनाना आसान है। उल्लेखनीय हैं कि इनके द्वारा यह भी बताया कि जब इनका काम बढ़ने लगा तथा दूसरे दूरस्थ राज्यो में भी जाना सुरु हुआ तो इनको एक गाड़ी की जरूरत होने पर इनका संपर्क राजकुमार नि0 पानीपत उपरोक्त से हुआ उसको उक्त के बारे में बताकर अपने साथ बराबर की हिस्सेदारी में शामिल कर लिया, तथा अपने मुँहबोले भाई को इसलिए बुलाया  कि कभी घटना करते वक़्त कोई पब्लिक का आदमी विरोध करने पर यह इनकी मदद करे इसको भी बराबर की हिस्सेदारी में शामिल कर लिया, इस प्रकार इनके द्वारा पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा में करनाल, सोनीपत, पानीपत, हिमाचल में पोंटा, मथुरा, बृंदावन आदि व उत्तराखण्ड में हरिद्वार, ऋषिकेश, व देहरादून में घटनाओं को अंजाम दिया है, देहरादून में इससे पहले ये दो अन्य घटनाओं को भी अंजाम देना स्वीकार किया है, संबंधित थानों से जानकारी की जा रही है। इनके द्वारा अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी दी गयी है, जिनका परीक्षण/विश्लेषण कर विवेचना में सम्मिलित कर आवश्यक विधिक कार्यवाही की जाएगी।

पुलिस की प्रशंशा
पुलिस टीम द्वारा एक संगठित अंतरराज्य शातिर महिला ठग गैंग को पकड़ने में सफलता प्राप्त की गई है, जिसकी जनता व उच्चाधिकारियों द्वारा प्रंशशा की गई है। पुलिस टीम प्रभारी निरीक्षक एस0एस0नेगी, उप0 निरीक्षक अशोक राठौड़, उप0निरीक्षक दीपक धारीवाल, उप0नि0 प्रवेश रावत (विवेचक), कानि0 लोकेंद्र, अरशद, रविशकर, म0कानि0 संगीता, निशा
कानि0 प्रमोद, आशीष sog(टेक्निकल सपोर्ट)।
Share To:

Post A Comment:

0 comments so far,add yours