हरिद्वार की गूंज (24*7)
(मौहम्मद आरिफ) हरिद्वार। हरिद्वार जनपद में दिनों दिन हरियाली गायब होती जा रही है फलदार पेड़ों को काटने पर  प्रतिबंध आदेशित होने के बाद भी इन्हें उजाड़ा जा रहा है।
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ऐसा नहीं है कि अधिकारियों को पेड़ों के अवैध कटान की जानकारी नहीं है। अधिकारी मौन दर्शक की भूमिका निभाकर अपना पल्ला झाड़ने में लगे रहते हैं। 
         देखें वीडियो: पीड़ित मगन देवी
ताजा मामला बहादराबाद ब्लॉक क्षेत्र के अंतर्गत जसवावाला गांव है। जिसमें बिना परमिशन के तस्करों ने लगभग 15 से 20 सिम्भल, अमरूद तथा चकोतरे के पेड़ो पर आरियां चला दी है।
देखें वीडियो: ग्राम प्रधान श्रीमती मनीता सैनी
जब तक ग्राम वासियों को पेड़ काटने की सूचना लगी, अब तक तस्कर ट्रैक्टर ट्राली में पेड़ो को भर कर फरार हो गए। चोरी को छुपाने के लिए तस्करों ने पेड़ों की जड़ों को भी उखाड़ दिया।
देखें वीडियो: डी०एफ०ओ० आकाश वर्मा
ग्राम वासी वरिष्ठ समाजसेवी प्रवेश सैनी, ग्राम प्रधान पति राकेश सैनी, संदीप शर्मा, नरेश सैनी, टिंकू सैनी, सुमन सैनी, प्रताप सैनी, किरण सैनी आदि का कहना है कि पेड़ काटने की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी गई थी लेकिन वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे और तस्कर अपने मकसद में कामयाब होकर मौके से फरार हो गए। ग्राम वासियों का कहना है कि जिस जमीन से पेड़ों को काटा गया है उस जमीन पर विवाद चल रहा है जो न्यायालय में विचाराधीन हैं। गांव में चर्चा का विषय है कि गांव के ही कुछ लोग चकबंदी के अधिकारियों से साठगांठ कर अपने मार्फत में हवाई चक लगवाने का हैं। इसलिए पेड़ो की नोर का वहां से सफाया किया गया है। पीड़ित मगन देवी का कहना है कि हमारे खेत और आस पास के खेतों से लगभग 15, 20 पेड़ काट लिए हैं। वहीं ग्राम प्रधान मनीता सैनी का कहना है कि खेतों से तस्करों ने लगभग 20 पेड़ कांटे हैं इसमें कुछ पेड़ फलदार भी थे। उन्होंने कहा कि अवैध तरीके से पेड़ काटने वालों के खिलाफ प्रशासन कार्यवाही करें। वहीं हरिद्वार डी० एफ०ओ० आकाश वर्मा का कहना है कि जसवावाला गांव में दो पेड़ अवैध रूप से काटने की सूचना मिली है। जिसमें क्षेत्र अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करते हुए पेड़ काटने वालो के विरुद्ध जुर्माना लगाया है। वन विभाग क्षेत्र अधिकारी ने अपने आलाधिकारी को गुमराह कर खेत से दो पेड़ कटने की सूचना दी है हालांकि ग्राम वासियों का कहना है कि खेतों से लगभग 20 पेड़ फलदार सहित कांटे गए हैं। सोचने वाली बात है कि ट्रैक्टर ट्राली दो पेड़ों से नहीं भर्ती, कहीं ना कहीं सरकारी मशीनरी भी भ्रष्टाचारी में लिफ्ट है। आपको बता दें कि जसवावाला गांव में चकबंदी के नाम पर भ्रष्टाचारी का खेल बड़े पैमाने पर खेला जा रहा है। चकबंदी अधिकारी, कर्मचारी अपने चाहते हो हवाई चक लगाकर फायदा पहुंचा रहे हैं इतना ही नहीं गांव में चर्चा का विषय है कि जिन लोगों के हवाई चक लगे हैं उन चको में विभागीय अधिकारी, कर्मचारी की भी साझेदार है। ग्राम प्रधान सहित ग्राम वासियों ने पहले भी आरोप लगाया हैं कि गांव की चकबंदी गलत तरीके से की जा रही है। चकबंदी विभाग पात्र लोगोंं की अनदेखी कर अपने चाहतों को फायदा कर भ्रष्टाचारी में लिप्त हो कर चांदी ही चांदी काट रहा है। अब देखना होगा कि धनोरी में भ्रष्टाचारी का अड्डा बना चकबंदी के दफ्तर पर आलाधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं तथा भ्रष्टाचार की भेंट चढ़े 15 से 20 हरे भरे पेड़ों के कटान के दोषियों को कब तक कानून सजा देता है।
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