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ओडिशा के तूफान पीड़ितों को राहत सामग्री बाँटकर लौंटी  

(रजत चौहान) हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुज की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने ओडिशा के प्रारंभिक प्रवास के बाद आज हरिद्वार लौट आयीं। वे गायत्री परिवार द्वारा चलाये जा रहे राहत सेवा केन्द्र भुवनेश्वर के कई क्षेत्रों का सड़क मार्ग से निरीक्षण किया। साथ ही पीड़ितों को खाद्य सामग्री, बर्तन, कपड़े व दवाइयाँ बाँटी। शैलदीदी ने दिव्यांगों को ट्राई साइकिल भी भेंट की। उन्होंने बताया कि चक्रवाती तूफान फोनी ने पुरी, भुवनेश्वर सहित कई जिलों के हजारों कच्चे मकानों को ध्वस्त कर दिया है। इस समय पीड़ितों के सामने छत की सबसे बड़ी समस्या है। गायत्री परिवार ने भुवनेश्वर में बैस कैम्प बनाया है। यहाँ दो सौ अधिक स्वयंसेवी भाई-बहिन पीड़ितों की सेवा में रात-दिन जुटे हैं। पीड़ितों को भोजन, कपड़े, बर्तन, त्रिपाल आदि बाँटने में गायत्री परिवार के कार्यकर्त्ता खूब पसीना बहा रहे हैं। शैलदीदी ने कहा कि पीड़ित मानव की सेवा करने से आत्मिक शांति मिलती है। परम पूज्य गुुरुदेव ने भाव संवेदना से गायत्री परिवार खड़ा किया है। उन्होंने बताया कि ओडिशा तूफान पीड़ितों के लिए लघु एवं दीर्घकालीन राहत कार्य की योजना बनाई जा रही है। शांतिकुंज जरुरतमंद क्षेत्रों में सामूदायिक भवन भी बनायेगा। पीड़ित परिवार के बच्चों के एक वर्ष की पढ़ाई खर्च भी शांतिकुंज उठायेगा। 

ओडिशा के राज्यपाल से मिले
ओडिशा के राज्यपाल मान. प्रो. गणेशीलाल जी से अपने प्रवास के दौरान संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी व देवसंस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने भेंट की। इस दौरान  राज्यपाल को गायत्री परिवार द्वारा चलाये जा रहे राहत कार्य की विस्तृत जानकारी दी। जिसे राज्यपाल ने प्रशंसा करते हुए गायत्री परिवार के कार्यों अनुकरणीय बताया।
स्वच्छता के लिए किया जागरुक

संस्था की अधिष्ठात्री शैलदीदी ने स्थानीय लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरुक रहने का आवाहन किया। उन्होंने स्वयं झाडू लगाकर अभियान में जन समुदाय को जोड़ने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर देसंविवि के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या, गायत्री विद्यापीठ की चेयरपर्सन श्रीमती शेफाली पण्ड्या सहित अनेक लोग शामिल रहे। 
आपदा प्रंबधन कमीश्नर सुश्री सेठी ने सराहा 
शांतिकुंज के राहत दल द्वारा पीड़ितों तक राहत कार्य पहुँचाने की तकनीक को ओडिशा की आपदा प्रबंधन कमीश्नर सुश्री सृजुक्ता विष्णु सेठी ने सराहा। उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर गायत्री परिवार के नैष्ठिक कार्यकर्ता जैसे सेवाभावी ही कर सकते हैं। उल्लेखनीय है कि शांतिकुंज आपदा प्रबंधन विभाग के समन्वयक राकेश जायसवाल पिछले दो सप्ताह से ओडिशा राहत कार्य का नेतृत्व कर रहे हैं।
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